एटीएम क्लोनिंग करने वाला शातिर गिरफ्तार, पहले भी जा चुका है जेल

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देहरादून। रायपुर थाना पुलिस ने एटीएम क्लोनिंग करने वाले एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना रायपुर में शिकायतकर्ता शेर सिंह पुत्र भूप सिंह निवासी बी 913 न्यू टाइप सेकंड ओएफडी, रायपुर जनपद देहरादून के द्वारा एक शिकायती पत्र दिया गया था। जिसमें बताया गया था कि स्टेट बैंक रायपुर में उसका ज्वाइंट अकाउंट है, जिसका मात्र एक ही एटीएम है। गत 4 फरवरी 2020 को पासबुक में एंट्री कराने पर ज्ञात हुआ कि 23 जनवरी 2020 से लेकर 3 फरवरी 2020 तक उसके एटीएम के माध्यम से प्रतिदिन कोई व्यक्ति बैंक में धोखाधड़ी से उसके खाते की धनराशि निकाल रहा है, जो कि लगभग पांच लाख रुपए है। शिकायत पर थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू की गई। जिस पर पुलिस अधीक्षक नगर व सीओ नेहरू कॉलोनी द्वारा थानाध्यक्ष रायपुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता के खाते की संपूर्ण डिटेल बैंक से प्राप्त कर उसकी जांच की साथ ही जहां-जहां से पैसे निकले हैं, वहां की सीसीटीवी फुटेज से जांच की। एटीएम क्लोनिंग के अपराध में जेल गए पुराने अपराधियों के विषय में जानकारी हासिल की।
पुलिस टीम ने संबंधित बैंक में जाकर पूछताछ की व खाते की डिटेल निकालकर चैक की गई तो एटीएम के क्लोनिंग का मामला सामने आया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से अज्ञात अभियुक्त के हुलिए व पहनावे व मोटरसाइकिल की जानकारी मिली।
21 फरवरी शुक्रवार को पुलिस टीम ने सिटी मार्केट थाना बसंत-विहार के पास से चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल डिस्कवर को चेकिंग के लिए रोका तो चालक हड़बड़ा कर भागने लगा। जिसको पुलिस टीम द्वारा तत्काल पकड़ कर पूछताछ की गई तो इसके पास से लैपटॉप अलग-अलग बैंक के एटीएम कार्ड नकद धनराशि व अन्य उपकरण बरामद हुए। पकड़ा गया आरोपी सोमेश कक्कड़ पुत्र स्व. प्रवेश कक्कड़ निवासी नीला नर्सिंग होम बालूगंज थाना बालूगंज आगरा उत्तर प्रदेश, हाल पता-सिटी मार्केट किराए पर थाना बसंत विहार, जनपद देहरादून निकला।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से नीलम नर्सिंग होम बालूगंज आगरा उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसने स्नातक पढ़ाई आगरा से की है और वह कंप्यूटर एक्सपर्ट है। पिछले 10 सालों से वह ऑटोकैड में कार्य करता था। वर्ष 2018 में चाचा की मृत्यु के पश्चात उसका सारा काम बंद हो गया। काम की तलाश में घूमने के दौरान उसकी मुलाकात अजय त्यागी, जो डिफेंस कॉलोनी आगरा का रहने वाला है। जिसके द्वारा मुझे एटीएम क्लोनिंग के बारे में बताया, क्योंकि मुझे पैसों की जरूरत थी, इसलिये मैंने अजय त्यागी के साथ मिलकर एटीएम क्लोनिंग के उपकरण चाइना से मंगा कर देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के एटीएम में इस्किमर लगाए व डुप्लीकेट एटीएम बनाकर हम दोनों ने बहुत से लोगों के पैसे धेखाधड़ी कर निकाले हैं। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2018 में नेहरू कॉलोनी पुलिस ने हम दोनों को एटीएम क्लोनिंग के मामले में पकड़ा था और जेल भी गए थे।
वर्ष 2019 में सितंबर माह में जेल से जमानत पर आने के पश्चात मेरे पास पैसा और काम नहीं था। उस वक्त एटीएम क्लोनिंग से संबंधित कुछ उपकरण व एक एटीएम क्लोनिंग किया हुआ मेरे पास रह गया था। मेरे द्वारा उसको एटीएम में लगा कर चेक किया तो डुप्लीकेट एटीएम चालू हालत में था तथा जनवरी 2020 से फरवरी 2020 तक उस एटीएम के द्वारा थाना बसंत विहार, राजपुर, कोतवाली क्षेत्र व अन्य जगहों से लगभग 4,50,000/ रुपए निकाल कर अपने उपर की उधरी चुकाकर शॉपिंग तथा घूमने-फिरने में खर्च कर दिए।

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