सरकारी नौकरी लगाने के चक्कर में डूब सकती है आपकी जमा पूंजी। ऊपर से जान का खतरा भी

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नौकरी लगवाने के नाम पर हड़पे 28 लाख

देहरादून। यदि आप अपने बच्चों को सरकारी नौकरी लगाने का सपने देख रहे हैं तो उसके लिए नौकरी लगाने का दावा करने वाले या फिर संबंधित विभाग में उसकी जान-पहचान है, कहने वाले के झांसे में कदापि न आएं, यदि आप ऐसे बिचौलियों या दलालों के झांसे में आ गए तो फिर आपकी जीवनभर की जमा पूंजी लुटने के साथ ही आपकी जान को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। ताजे मामले को पढ़कर आप स्वत: अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह एक व्यक्ति को 28 लाख का चूना लग गया। यही नहीं मुंह खोलने पर जान का खतरा भी बढ़ गया।
रेलवे सुरक्षा बल में नौकरी लगवाने के नाम पर दो भाईयों ने 28 लाख रुपये हड़प लिए। पटेलनगर कोतवाली में दो भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी सहारनपुर के रहने वाले हैं।

25 02 2020 govt jobs
पटेलनगर कोतवाली प्रभारी सूर्यभूषण नेगी से मिली जानकारी के अनुसार अनुज कुमार पुत्र मोहकम सिंह निवासी सहजवी पोस्ट ऑफिस हरपाल तहसील नकुड़ थाना रामपुर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश ने पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र प्रेषित किया है। पत्र में बताया कि उसके मित्र भानू पुत्रा बीर सिंह निवासी मोहल्ला गलीरा सहारनपुर ने उसे और उसके दोस्त निखिल पुत्र अशोक कुमार निवासी बीनपुर पोस्ट ऑफिस बीनपुर थाना गंगोह तहसील नकुड़ जिला सहारनपुर को दीपक उर्फ धर्मेंद्र व प्रवेंद्र पुत्र कालूराम निवासी चोयला चन्द्रबनी से मिलवाया था।

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आरोप है कि भानू ने प्रवेंद्र और धर्मेंद्र की रेलवे में जान पहचान होने की बात कही। धर्मेंद्र और प्रवेंद्र ने अनुज को रेलवे सुरक्षा बल में नौकरी लगवाने के बदले 28 लाख रुपये की मांग की। झांसे में आकर रुपये प्रवेंद्र की पत्नी रूबी के खाते में जमा कराए गए। तय समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। आरोप है कि धर्मेंद्र, प्रवेंद्र और रूबी ने उनके रुपये हड़प लिए।
जब उनसे इस संबंध में पूछा गया तो उनकि तीनों ने रुपये वापस करने से मना कर दिया। दबाव डालने पर धर्मेंद्र और प्रवेंद्र के साथी नरेंद्र निवासी ग्राम सूप जिला बागपत उप्र हाल निवासी नया गांव सेवला खुर्द चन्द्रबनी ने अनुज से संपर्क किया।

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इस पर नरेंद्र ने उन्हें रुपये देने के लिए बड़ौत उप्र बुलाया। यहां एक कुख्यात के घर में असलहे के दम पर उन्हें धमकी दी गई। आरोपी पक्ष ने 25 मार्च को मात्र सत्रह लाख रुपये लौटाने और इकरारनामा कर लिया। बताया गया कि कुछ दिनों पहले नरेंद्र ने फोन कर रुपये देने से मना कर दिया। बताया कि दीपक उर्फ धर्मेंद्र, प्रवेंद्र, रूबी और भानू के खिलाफ धोखाधड़ी और षडयंत्र रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

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