‘तिरदा जी सच-सच बतलाना’ कविता गाकर पत्रकार सेमवाल ने सरकार से पूछे थे अनेकों सवाल

admin
20191129 092325
राज्य स्थापना दिवस पर दिग्गज पत्रकार सेमवाल ने कविता गाकर सरकार से पूछे थे अनेकों  सवाल
प्रदेशभर में जबर्दस्त हिट हुई थी शिव प्रसाद सेमवाल की यह कविता
इसके बाद ब्लॉक कर दिया गया था पर्वतजन का फेसबुक पेज और रिमूव करवा दी गई यह कविता
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2019 की शाम को दिग्गज पत्रकार एवं पर्वतजन पोर्टल के संपादक शिवप्रसाद सेमवाल ने फेसबुक लाइव आकर ‘तिरदा जी सच-सच बतलाना’ नामक शीर्षक से एक व्यंग्यात्मक कविता पोस्ट की थी। यह कविता इतनी वायरल हुई कि इस कविता द्वारा असहज होने वाले लोगों द्वारा इसे रिमूव करवानी पड़ी। यही नहीं पर्वतजन का पेज ही ब्लॉक करवा दिया गया। इस कृत्य की पाठकों ने भी कड़ी आलोचना की।
सेमवाल ने अपनी इस व्यंग्यात्मक कविता के माध्यम से उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार से अनेकों सवाल पूछे थे कि प्रदेश की आम जनता को यह तो पता चलना ही चाहिए कि स्थापना दिवस पर जो जश्न मनाया जा रहा है, वह आखिर है किस चीज का? आप भी अवश्य सुनिए शिव प्रसाद सेमवाल की 9 नवंबर को प्रसारित यह जबर्दस्त कविता।

 

बहरहाल, सेमवाल द्वारा आम जनता की आवाज बनकर उठाए गए सवालों का जवाब न देकर उन्हें इस प्रकार 22 नवंबर की पूर्वाहन जबरन घर से उठाकर एक ऐसे मुकदमे में थाने ले जाने के बाद जेल भेज दिया जाना उत्तराखंडवासियों के लिए भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे पत्रकार जगत समेत उत्तराखंड की आम जनता भली-भांति महसूस कर चुकी है। जाहिर है कि आगामी विधानसभा चुनावों में सरकार को इसका दूरगामी परिणाम भुगतना पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बाघ को भी मार डालती है भोटिया कुत्तों की यह प्रजाति

बाघ को भी मार डालती है भोटिया कुत्तों की यह प्रजाति जगदंबा कोठारी/रुद्रप्रयाग गढ़वाल में कुत्तों की यह प्रजाति बाघ को भी मार डालती है, पढ़ें क्या खास है इस प्रजाति में भोटिया, भूटिया या भोटी नाम से जाने जानी […]
himalyi dog