तबलीगी जमात ने फुलाई पूरे देश की सांसें। अब तक 180 लोग कोरोना संक्रमित। पुलिस की बनी चकरघिन्नी

admin
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मुख्यधारा ब्यूरो
देहरादून। निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में शामिल होकर गुपचुप तरीके से अपने-अपने राज्यों में अपने घरों को लौट चुके जमातियों ने पूरे देशभर की सांसें फुला दी है। अब तक जमात में शामिल होने वाले विभिन्न राज्यों के 180 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में जमात में शामिल होने वाले छिपे हुए लोगों को ढूंढने में पुलिस की चकरघिन्नी बनी हुई है।
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में जमातियों ने पुलिस की परेशानी बढा दी है। हालांकि कुछ को चिन्हित कर दिया गया है, जबकि अभी भी कुछ जमाती पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। इन जमातियों को ढूंढना और ये लोग किन-किन लोगों के संपर्क में आए, इसका पता लगाना चुनौती बन गया है।

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पौड़ी जिला प्रशासन की चौकसी के चलते अब तक 26 लोगों को चिन्हित कर दिया गया है। ये लोग अलग-जमातों में शामिल हुए थे। लॉकडाउन के बावजूद पांच लोगों के जमात में शामिल होकर लौटने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल उन्हें श्रीनगर स्थित जीएमवीएन में कोरंटाइन किया जा रहा है।
प्रशासन ने दिल्ली और बिजनौर से कोटद्वार आये 33 जमातियों को क्वारंटाइन कर दिया है। हालांकि इन सभी लोगों में कोरोना वायरस का कोई लक्षण नजर नहीं आया है।

प्रशासन का कहना है कि ऐहतियात के तौर पर इन लोगों को क्वारंटाइन किया गया है।
अब तक उत्तराखंड से 34 लोगों के जमात में शामिल होने की बात सामने आ रही है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इनकी संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। ये जमाती अलग-अलग जमातों में शामिल होने गए थे। बताया यह भी जा रहा कि इनमें सबसे अधिक 22 लोग हरिद्वार जिले के हैं। जबकि अल्मोड़ा से चार, नैनीताल से नौ और उत्तरकाशी से तीन लोग जमात में शामिल होकर उत्तराखंड लौटे हैं।
जमात से शामिल होकर लौटे नैनीताल के आठ जमातियों व उनके परिवारों को पुलिस ने जांच करवाई और उन्हें क्वारेंटाइन में रखा गया है।

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उधर मुरादाबाद के रेलवे ट्रेक को पार करके उत्तराखंड में दाखिल होने जा रहे 13 जमातियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जमातियों ने पुलिस को बताया कि वे लोग हल्द्वानी जाना चाह रहे हैं। एसपी सिटी देंवेंद्र पिंचा के अनुसार उनके पूछताछ के बाद उन्हें जांच के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इन सभी को भी क्वारेंटाइन में रख दिया गया है।
हरिद्वार में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मेला चिकित्सालय में जांच के लिए लाया गया एक संदिग्ध पुलिस को चकमा देकर भाग गया। हालांकि उसे किसी पकड़ लिया गया। पुलिस ने लक्सर सुल्तानपुर इलाके में 17 जमातियों को पकड़ा था। वहीं ब्रह्मपुरी के लोगों में यहां संदिग्ध लोगों के प्रवेश करने की आशंका है। यहां लोगों ने मांग की है कि पूरे कालोनी को सेनेटाइज किया जाए और ऐसे लोगों को चिन्हित कर दिया जाए, जो जमात से होकर लौटे हैं।
कुल मिलाकर अभी भी तमाम ऐसे जमाती हो सकते हैं, जो पुलिस कार्यवाही के डर से छिपे हुए हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि जमात में शामिल होने वाले उत्तराखंड के सभी उन लोगों को चिन्हित कर उनकी जांच व कोरंटाइन नहीं किया गया, तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि कौन-कौन लोग वहां से शामिल होकर लौटे हैं और इस बीच ये लोग किन-किन लोगों के संपर्क में आए।

उत्तराखंड के डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार का कहना है उनके पास ऐसे सभी जमातियों की लिस्ट है, जो विभिन्न जमातों से होकर लौटे हैं। काफी लोगों को क्वॉरेंटाइन किया गया है। जल्द ही सभी को स्वास्थ्य जांच कर क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक तबलीगी जमात के लोगों के विभिन्न राज्यों में चले जाने से कोरोना पॉजीटिव का आंकड़ा बढ़ गया है। पिछले 24 घंटे में ही 386 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।
जानकारी के अनुसार 13 से 20 मार्च के बीच दिल्ली से पांच ट्रेनों में यात्रा कर जमाती देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे। आशंका जताई जा रही है कि इन ट्रेनों में हजारों यात्री जमातियों के संपर्क में आए होंगे, उन्हें ढूंढने के लिए रेलवे की कसरत भी बढ़ गई है।

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जमात में करीब पांच हजार लोग शामिल हुए थे। जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी भी मौजूद थे। जमात में इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, किर्गिस्तान आदि देशों के लोग भी शामिल हुए थे।
लॉकडाउन के बाद भी वहां दो हजार लोग फंसे हुए थे। जिन्हें वहां से अब निकाला जा सका। बताया जा रहा है कि जमात में विदेशी नागरिकों समेत देश के 22 राज्यों के जमाती शामिल हुए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 22 राज्यों के 16 शहरों में कम से कम 10 हजार लोगों के जमातियों के संपर्क में आने की संभावना जताई है।
दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन होने के बावजूद इतना बड़ा धार्मिक आयोजन करने के आरोप में आयोजकों के खिलाफ एफआईआर कर दी है। मरकज को सील कर दिया गया है।

कुल मिलाकर ऐसी परिस्थिति में लोगों को घबराने की बजाय जागरूक होकर लॉकडाउन का सही से पालन करके कोरोना से निपटने की जरूरत है।
बहरहाल, ऐसे लोगों को पुलिस कितनी जल्द ढूंढ पाती है और उन क्या कार्रवाई करती है, आने वाला समय ही बताएगा!

 

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