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द्वारीखाल: मैठाणा गांव में ग्राम प्रधान के घर के आगे बनी छानी पर भालू ने किया चार बार हमला, गाय को मारकर ले गया जंगल

admin
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  • द्वारीखाल: मैठाणा गांव में ग्राम प्रधान के घर के आगे बनी छानी पर भालू ने किया चार बार हमला, गाय को मारकर ले गया जंगल
  • खूंखार वन्य जीव को पकड़ने के लिए शीघ्रातिशीघ्र पिंजरा लगाने की मांग
  • जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम को सुरक्षा में तैनात किए जाने का अनुरोध

द्वारीखाल/मुख्यधारा

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों लोग भालू के आतंक से परेशान हैं। ऐसा ही एक मामला 23 दिसंबर की रात्रि पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल ब्लॉक क्षेत्रांतर्गत किनसुर ग्रामसभा की मैठाणा गांव से आ रहा है, जहां ग्राम प्रधान के घर के आगे बनी उनकी चाची सास की छानी पर भालू ने चार बार हमला किया और छानी को तोड़कर एक गाय को मार कर जंगल में घसीटते हुए ले गया। जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्होंने वन विभाग से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाने के साथ ही भालू को पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगाने की मांग की है।

इस संबंध में किनसुर ग्राम प्रधान मालती शाह ने वन विभाग लैंसडौन से मांग करते हुए कहा है कि गत रात्रि 23 दिसंबर 2025 को मेरी चाची सास विमला देवी के घर के आगे बनी छानी पर भालू ने चार बार हमला किया और छानी को तोड़कर वह एक दुधारू गाय को मार कर जंगल में खींचकर ले गया। इस जगह पर केवल हमारे दो ही परिवार रहते हैं और गांव थोड़ी दूरी पर स्थित है। भालू जैसे खूंखार वन्य जीव द्वारा इस घटना को अंजाम देने के बाद हम लोग डर से सहमे हुए हैं और पूरे गांव में खौफ पैदा हो गया है। यही नहीं लोगों को जंगल से चारापत्ती लाने का संकट हो गया है, वहीं स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों पर भालू द्वारा हमले करने की भी संभावना है।

प्रधान ने यह भी कहा है कि हमारे घर में उक्त खूंखार वन्य जीव द्वारा दोबारा हमला किए जाने की प्रबल संभावना है। जिससे यहां पर वन्य जीव को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाना अति आवश्यक है, वहीं हमारी जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय रहते वन विभाग की टीम को हमारी सुरक्षा में तैनात किए जाने का अनुरोध है।

पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह ने अवगत कराया कि हमारी ग्रामसभा किनसुर के साथ ही हमारा गांव मैठाणा चारों ओर से घने जंगलों से घिरा हुआ है। यहां गुलदार, तेंदुए व भालू अक्सर घूमते हुए दिखाई देते हैं और मवेशियों को वे समय-समय पर अपना निवाला बनाते रहे हैं, लेकिन अब वे बेखौफ होकर घरों व मवेशियों की छानियों में घुसकर भी हमला करने लगे हैं, जिसका कि वह 23 दिसंबर 2025 की रात्रि स्वयं भुक्तभोगी हैं।

पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह ने अपने क्षेत्रवासियों से गुलदार के साथ ही क्षेत्र में भालू के आतंक से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अपने घरों के आस-पास झाड़ियों की सफाई रखें। जल्दी सुबह व सायंकाल में अकेले इधर-उधर न जाएं व समय पर अपने जरूरी काम निपटा लें। जंगलोें में घास लाने व मवेशियों को चुगाने के लिए सामूहिक रूप से ही जाएं और अपने बच्चों को स्कूलों में सामूहिक रूप से भेंजे और अभिभावक भी उनके साथ जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना होने से बचा जा सके।

प्रधान मालती शाह ने उपरोक्त घटना को देखते हुए मांग की है कि घटनास्थल पर उक्त खूंखार वन्य जीव को पकड़ने के लिए शीघ्रातिशीघ्र पिंजरा लगाया जाय। साथ ही जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम को हमारी सुरक्षा में तैनात किए जाने का भी अनुरोध किया है। जिससे किसी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।

बहरहाल, अब देखना यह होगा कि वन विभाग कब तक इस समस्या से ग्रामीणों को निजात दिला पाता है।

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