नए दौर के पत्रकारों और विधि छात्रों के लिए मार्गदर्शक बनेगी ‘लॉ ऑफ मीडिया इन द डिजिटल एरा’

Mukhyadhara
IMG 20260827 WA0006
  • डिजिटल युग में मीडिया कानून और नैतिकता का पाठ पढ़ाएगी प्रो. अनिल और डॉ. गगनदीप की नई किताब
  • नए दौर के पत्रकारों और विधि छात्रों के लिए मार्गदर्शक बनेगी ‘लॉ ऑफ मीडिया इन द डिजिटल एरा’

देहरादून/मुख्यधारा

डिजिटल दौर में मीडिया की बदलती भूमिका, पत्रकारिता की नई कार्यप्रणाली और उससे जुड़े कानूनी एवं नैतिक पहलुओं को समझने के लिए ‘लॉ ऑफ मीडिया इन द डिजिटल एरा- जर्नलिज्म जर्नी फ्रॉम प्रिंट टू पिक्सल’ पुस्तक प्रकाशित हुई है। पुस्तक का लेखन मीडिया लॉ एवं जर्नलिज्म एथिक्स के प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित और डॉ. गगनदीप कौर ने किया है। इसका प्राक्कथन देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, देहरादून के फाउंडर प्रेसिडेंट संजय बंसल ने लिखा है।

इंटेग्रिटी पब्लिकेशन, नई दिल्ली से प्रकाशित इस पुस्तक में डिजिटल युग में मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया गया है। पुस्तक में प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक पत्रकारिता में आए बदलावों के साथ मीडिया कानून और नैतिकता के विभिन्न पक्षों को भी विस्तार से रखा गया है।

मीडिया नैतिकता पर विशेष जोर

पुस्तक में मीडिया नैतिकता को जिम्मेदार पत्रकारिता का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। समाचार और सूचनाओं के प्रकाशन एवं प्रसारण में तथ्यपरकता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी को जरूरी माना गया है। लेखकों ने इस बात पर जोर दिया है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पत्रकारों को नैतिक मानकों का पालन करना चाहिए।

सत्यता, निष्पक्षता और जवाबदेही अहम

पुस्तक में सत्यता एवं सटीकता, निष्पक्षता, निजता का सम्मान, हानि से बचाव और जवाबदेही को मीडिया नैतिकता के प्रमुख सिद्धांतों के रूप में रेखांकित किया गया है। खबरों को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की जांच, राजनीतिक दबाव और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर समाचार प्रस्तुत करने तथा किसी व्यक्ति की निजता का सम्मान करने पर जोर दिया गया है।

इसके साथ ही रिपोर्टिंग से किसी पीड़ित, निर्दोष व्यक्ति या समाज के किसी वर्ग को होने वाली अनावश्यक मानसिक अथवा सामाजिक क्षति से बचने की आवश्यकता बताई गई है। मीडिया से हुई गलती को स्वीकार कर उसमें सुधार करना भी पत्रकारिता की जवाबदेही का अहम हिस्सा बताया गया है।

पुस्तक को विधि एवं पत्रकारिता के विद्यार्थियों के साथ पत्रकारों, संपादकों और मीडिया क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में देखा जा रहा है। बदलते डिजिटल मीडिया परिदृश्य में कानून, पत्रकारिता और नैतिक जिम्मेदारियों के बीच संबंध को समझने में यह पुस्तक मददगार साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़े