देहरादून/मुख्यधारा
मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के दृष्टिगत उत्तराखंड के कई जिलों में बुधवार दिनांक 28 जनवरी, 2026 को समस्त शासकीय, अशासकीय/ निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग देहरादून द्वारा दिनांक 27.01.2026 को सांय 07:00 बजे जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 27.01.2026 एवं 28.01.2026 को जनपद उत्तरकाशी में कहीं कहीं भारी वर्षा/बर्फवारी होने तथा कहीं कहीं गर्जन के साथ अकाशीय बिजली चमकने/ओलावृष्टि एवं झोकेदार हवाएँ 30-40 kmph चलने की सम्भावना (Orang/yellow alert) जारी किया गया है। जिसके दृष्टिगत दिनांक 28.01.2026 को भूस्खलन एवं ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से हिमस्खलन तथा पैदल रास्तों व सड़क मार्गों के प्रभावित होने की सम्भावना है। वर्षा/बर्फबारी से शीत दिवस की स्थिति होने एवं सम्भावित आपदाओं के न्यूनीकरण व प्रबन्धन के दृष्टिकोण से स्कूली छात्र/छात्राओं की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय किया जाना अपरिहार्य है।
अतः उपरोक्त को मध्यनजर रखते हुये आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जनपद में संचालित सभी शासकीय, गैर शासकीय, निजी विद्यालयो (कक्षा 1 से 12 तक) एवं आंगनबाडी केन्द्रों में दिनांक 28 जनवरी, 2026 (बुद्धवार) को अवकाश घोषित किया जाता है।
- उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उधमसिंहनगर जनपद में संचालित सभी शासकीय, गैर शासकीय, निजी विद्यालयो (कक्षा 1 से 12 तक) एवं आंगनबाडी केन्द्रों में दिनांक 28 जनवरी, 2026 (बुधवार) को अवकाश घोषित किया जाता है।

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों के अनुसार चमोली जनपद में हो रही बर्फबारी एवं शीतलहर को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनज़र जिला प्रशासन द्वारा एहतियातन महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। वर्तमान मौसम परिस्थितियों के कारण आवागमन एवं जनजीवन प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशानुसार जनपद के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक दिनांक 28 जनवरी 2026 दिन बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही जनपद के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में भी उक्त तिथि को अवकाश रहेगा।
जिलाधिकारी द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से यात्रा से बचें।जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।

उत्तराखण्ड राज्य के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सभी जनपदों को सतर्क कर दिया गया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 27 जनवरी 2026 शाम 05:00 बजे से 28 जनवरी 2026 शाम 05:00 बजे तक राज्य के विभिन्न ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की गई है।
डीजीआरई द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार जनपद उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग को नारंगी रंग की श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है। इस श्रेणी में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी एवं अस्थिर बर्फ जमी रहती है, जिसके कारण प्राकृतिक हिमस्खलन की आशंका रहती है तथा ऐसे हिमस्खलन मध्यम आकार में घाटी तल तक पहुँच सकते हैं। इस स्थिति में केवल चयनित एवं अपेक्षाकृत सुरक्षित मार्गों से ही अत्यंत सावधानी के साथ सीमित आवागमन उपयुक्त माना जाता है तथा बर्फ से लदी ढलानों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि जोखिमपूर्ण हो सकती है।
जनपद पिथौरागढ़ को पीले रंग की श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है। इस श्रेणी में कुछ हिमस्खलन मार्गों पर अस्थिर बर्फ पाई जाती है तथा सीमित क्षेत्रों में छोटे आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन की आशंका बनी रहती है। ऐसी स्थिति में घाटी क्षेत्रों में सावधानी के साथ आवागमन संभव है, किंतु बर्फ से ढकी ढलानों पर जाने से बचाव आवश्यक होता है।
जनपद बागेश्वर को हरे रंग की श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है। इस श्रेणी में सामान्यतः स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बर्फ की अस्थिरता पाई जा सकती है। बाहरी कारणों अथवा मानवीय गतिविधियों के प्रभाव से सीमित स्थानों पर हिमस्खलन की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस संबंध में सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखें । संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता सुनिश्चित करें तथा जनसामान्य को समय रहते आवश्यक सूचना एवं परामर्श उपलब्ध कराएँ।
नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे चेतावनी अवधि के दौरान अनावश्यक रूप से बर्फ से ढकी ढलानों एवं हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में आवागमन न करें । बर्फबारी के दौरान अथवा उसके पश्चात ढलानों के नीचे रुकने से बचें तथा अपने घरों, अस्थायी आवासों एवं गोशालाओं की छतों पर जमी बर्फ को सुरक्षित रूप से हटाते रहें।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि किसी कारणवश अत्यधिक बर्फबारी वाले ऊँचाई क्षेत्रों में अस्थायी रूप से निवास करना पड़ रहा हो, तो परिस्थितियों के अनुरूप एक से दो दिनों के लिए सुरक्षित एवं निचले क्षेत्रों में स्थानांतरित हो जाना उपयुक्त रहेगा।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।


