कोरोना अलर्ट: कोरोना के लक्षण मिलने पर आइसोलेटेड वार्ड में रखने के निर्देश

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कोरोना वाइरस से बचने व सावधानी बरतने एवं जनजागरूकता बढ़ाने हेतु उत्तराखंड सरकार की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण भारत सरकार के अपर सचिव थीरूपगल की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हॉल में राज्य के विभिन विभागों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें एसए मुरुगेसन प्रभारी सचिव आपदा प्रबंधन विभाग के अलावा विभिन विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
इस मौके पर थीरूपगल ने कहा कि उत्तराखंड में इस मौसम में ज़्यादातर पर्यटकों का आवागमन होता है, इसलिए ज़रूरत है कि इस वायरस से निपटने के लिए सिर्फ राज्य या जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि ब्लॉक स्तर पर तैयारी मज़बूत हो। आपस में सभी विभागों का सामंजस्य होना बहुत ज़रूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि किस प्रकार कोरोना वायरस को ले कर क्या करें, क्या न करें एडवाइजरी जारी की गई है।
नेपाल बॉर्डर से लगे जिलों, जहां 700 से लेकर हज़ार लोग लगातार आते रहते हैं, उनको जांचने और कोरोना का वाइरस किसी भी लापरवाही की वजह से यहां न पहुंचे, इसका ध्यान रखते हुए सर्विलेंस टीम, एम्बुलेंस, सशस्त्र सीमा बल की टीम, आशा कर्मी, डाक्टर, फार्मासिस्ट आदि ऐसे इलाकों में खासकर तैनात किए गए हैं। साथ ही सेंसर थर्मामीटर टेम्परेचर की भी व्यवस्था है।
यदि किसी भी प्रकार के कोरोना वायरस के लक्षण किसी व्यक्ति में नजऱ आते हैं तो उसे तुरंत आइसोलेटेड वार्ड में रखा जाएगा। वर्तमान में 241 आइसोलेटेड वार्डस हैं, जिनमे सरकारी हॉस्पिटल के अलावा निजी हॉस्पिटल की भी सेवाएं ली जाएंगी। देहरादून में दूंन हॉस्पिटल, गांधी हॉस्पिटल,एम्स, के अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सेवाएं भी ली जाएंगी।
श्री थीरूपगल ने सभी विभागों को सुझाव दिया कि संवेदनशेल इलाके जहां भारी मात्रा में भीड़ एकत्रित होती है जैसे गंगा आरती, वहां होर्डिंग, स्क्रीन, अनाउंसमेन्ट के माध्यम से जन जागरूकता हेतु कोरोना वायरस के बचाव हेतु एडवाइजरी को लोगों तक पहुंचाया जाए। स्पिरिचुअल गुरुओं के माध्यम से भी जागरूकता संदेश को समुदायों तक पहुंचाया जाए, ताकि सही समय पर सावधानी के साथ इस वाइरस को फैलने से रोका जाए।
सिविल एविएशन एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी को कहा गया कि वह भी जागरूकता संदेशों को बैनर, विसुअल माध्यम से एयरपोर्ट के स्क्रीन व अन्य भीड़ भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों में लगाएं। भारत सरकार के निर्देशानुसार एयरपोर्ट से हर आने जाने वाले व्यक्ति की मॉनिटरिंग हो।अधिक आइसोलेटेड वार्डस का प्रबंध हो। हेल्थ विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम के बारे में भी जानकारी ली गयी। वर्तमान में उत्तराखंड में 108 रैपिड रिस्पांस टीम ब्लॉक स्तर तक तैनात है।
अपर सचिव भारत सरकार ने इस बात पर भी बल दिया कि टूरिस्ट ऑपरेटर, टूरिस्ट ड्राइवर्स को भी कोरोना से जुड़े जनजगरुकता अभियान का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कोरोना को आपदा की तरह ही समझते हुए आवास में सभी विभाग सामंजस्य स्थापित करके अपना कार्य करें।
इस परिप्रेक्ष में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से भी किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर मदद मिलेगी। साथ ही भारत सरकार भी अधिक से अधिक मदद का प्रयास करेगी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जनपद आपातकालीन परिचलन केंद्र भी सक्रिय हो कर कार्य कर रहे हैं, जिससे आपसी मदद में आसानी होगी।

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