भारत बंद : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुलाए गए भारत बंद का इन राज्यों में दिखाई दे रहा असर, हड़ताल से कई क्षेत्र प्रभावित !
मुख्यधारा डेस्क
देश के अधिकांश राज्यों में भारत बंद का असर दिखने लगा है। हालांकि कई शहरों में खराब मौसम और बारिश की वजह से अभी तक भारत बंद का असर प्रभावित भी हो रहा है। लेकिन कई राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा तमिलनाडु और केरल में सुबह से ही हड़ताल जैसा नजारा दिखाई दिया। 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के संयुक्त मंच ने आज देशव्यापी ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। ‘बंद’ केंद्र सरकार की “मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों” के खिलाफ एक विरोध है।
बैंकिंग, परिवहन, डाक सेवाओं, खनन और निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक श्रमिकों और ग्रामीण मजदूरों के आज भारत बंद में भाग लेने का एलान किया है। इस हड़ताल से कई क्षेत्रों पर असर पड़ने की उम्मीद है। इनमें बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, डाक विभाग, कोयला खनन और कारखाने, राज्य परिवहन सेवाएं, सरकारी कार्यालय शामिल हैं। एनएमडीसी और स्टील व खनिज क्षेत्रों की कई सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि की है। हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के उद्योगों और सेवाओं में मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी। वैसे बैंकिंग यूनियनों ने अलग से बंद के कारण सेवाओं में रुकावट की पुष्टि नहीं की है। लेकिन, बंद आयोजकों के अनुसार वित्तीय सेवाएं प्रभावित होंगी।
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बंद आयोजकों ने कहा कि हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सहकारी बैंकिंग क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हैं। इससे कई क्षेत्रों में शाखा सेवाएं, चेक क्लीयरेंस और ग्राहक सहायता जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।आज देशव्यापी रेलवे हड़ताल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की आशंका है, जिससे कुछ क्षेत्रों में ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं या उनमें देरी हो सकती है। पश्चिम बंगाल की राजधानी में कोलकाता में वामपंथी दलों के यूनियन ने जादवपुर में पैदल मार्च निकालकर ‘भारत बंद’ में भाग लिया। इस ‘बंद’ का आह्वान 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा किया गया, जिनका आरोप है कि केंद्र सरकार ऐसे आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ा रही है जो श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं।
उत्तराखंड में भी ट्रेड यूनियनों संगठनों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर ली है। देहरादून में भी केंद्र ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति और अन्य स्वतंत्र फेडरेशनों ने बीते रोज बैठक करके व्यापक हड़ताल किए जाने की घोषणा की है। उत्तराखंड में हालांकि स्कूलों पर बंद का असर नहीं दिख रहा है। स्कूल खुले हुए हैं। सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) के प्रांतीय सचिव लेखराज ने बताया कि आज दोपहर 12 बजे गांधी पार्क से जिला मुख्यालय तक विशाल रैली निकालकर केंद्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध किया जाएगा। तमिलनाडु के थूथुकुडी में श्रमिक संघ के प्रतिनिधि सखायम ने बताया कि थूथुकुडी निगम के सभी चार क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मुद्दों पर न्याय की मांग करते हुए एक दिवसीय हड़ताल की है। 2017 की हरी झंडी के बावजूद सरकार ने वादे के मुताबिक बदलाव लागू नहीं किए हैं।
पुलिस की मौजूदगी को दरकिनार करते हुए, वामपंथी दलों के यूनियन के सदस्य जादवपुर रेलवे स्टेशन में घुस गए और केंद्र सरकार की “कॉर्पोरेट-समर्थक” नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। बिहार में राजद की छात्र शाखा के सदस्यों ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के संयुक्त मंच द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ का समर्थन किया। शाखा के सदस्यों ने जहानाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन किया। वहीं, पश्चिम बंगाल में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के संयुक्त मंच द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ का सिलीगुड़ी में असर दिखा। सरकारी बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। जबकि स्कूल, कॉलेज और निजी कार्यालय खुले रहने की संभावना है, परिवहन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। केंद्र सरकार की चार नयी श्रम संहिताओं सहित कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के कारण केरल में बुधवार को जनजीवन प्रभावित रहा।
इस हड़ताल को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) शासित राज्य के श्रमिक संगठनों और वामपंथी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने इस राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है जिसमें श्रमिक संगठनों के साथ-साथ स्वतंत्र अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासंघ और संघ शामिल हैं। सार्वजनिक परिवहन से लेकर सरकारी कार्यालयों तक राज्य भर में हड़ताल में व्यापक भागीदारी देखी गई है। केरल में पूर्ण बंद है। दुकानें, संस्थान एंव अधिकतर सेवाएं बंद हैं। बसें सड़कों से नदारद रहीं तथा विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए काम नहीं किया जिससे सड़कें सुनसान रहीं। स्वास्थ्य सेवा, आपातकालीन सेवाएं तथा दूध आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं को हालांकि हड़ताल से छूट दी गई है ताकि आम लोगों को परेशानी नहीं हो।
आज भारत बंद को इन ट्रेड यूनियनों ने किया समर्थन
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
हिंद मजदूर सभा (HMS)
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU)
ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC)
ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC)
सेल्फ एम्प्लॉयड वीमेंस एसोसिएशन (SEWA)
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU)
लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF)
यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC)
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