नाम सम्मान व पद प्रतिष्ठा की दौड़ से हमेशा ही दूर रहे डॉ. रावल डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला उत्तराखंड ने खोया था ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ.रावल क्षेत्र जैवविविधता उच्च हिमालय परिस्थिति तंत्र में विशेषज्ञ के रूप में कार्य करते रहें। […]
आदित्य नारायण पुरोहित एक व्यक्ति नहीं, एक व्यक्तित्व हैं डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला आदित्य नारायण पुरोहित जन्म ३० जुलाई १९४० एक भारतीय वैज्ञानिक और प्रोफेसर हैं, जिन्होंने मुख्य रूप से पेड़ों की प्रजातियों के इकोफिजियोलॉजी और उच्च ऊंचाई वाले औषधीय पौधों […]
मुनस्यारी के पास ग्लेशियर आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला मुनस्यारी मिलम मार्ग में मापांग के पास छिरकानी में ग्लेशियर खिसकने से मार्ग बंद हो गया है। चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी और […]
पुरानी मानव सभ्यता के अवशेष हैं लख उडियार डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला अल्मोड़ा से 14 किमी दूर लखुडियार में सुआल नदी के किनारे स्थित चट्टान के आठ मीटर लंबे और छह मीटर ऊंचे हिस्से में अनेक शैल चित्र बने हैं। ये […]
प्लास्टिक पहाड़ी हिमालयी राज्यों का दम घोंट रहे हैं डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला साल 2024 में विश्व पृथ्वी दिवस की थीम च्प्लास्टिक बनाम ग्रहज् है। यह थीम प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों पर प्रकाश डालती है और लोगों को पुनः उपयोग, […]
‘अजाण’ : गढ़वाली की पहली मर्डर मिस्ट्री, सस्पेंस और थ्रिलर फ़िल्म -डॉ. नन्द किशोर हटवाल गढ़वाली फ़िल्म अजाण एक युवती की मर्डर मिस्ट्री है। युवती की हत्या के जुर्म में भगोती गांव के दो भोले-भाले युवकों को फंसाया जाता है। […]
ब्राह्मी का पौधा (Brahmi plant) मनुष्य के लिए है वरदान एक औषधीय डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला प्रचलित नाम ब्राह्मी, जल-ब्राह्मी अंग्रेजी नाम : थाईम-लिव्ड ग्रेटिओला दुनिया में ऐसे ढेरों प्रकार के पौधों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिनका इस्तेमाल रोगों […]
जल जंगल जमीन सिर्फ नारा नहीं हमारी पहचान है डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला उत्तराखंड राज्य गठन के वक्त एक नारा हवाओं में तैरता था- आज दो अभी दो उत्तराखंड राज्य दो, मडुवा-झुंगरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे। राज्य गठन के बाद […]
राजनीति के सौम्य थे “बचदा” डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला मूल रूप से अल्मोड़ा के पाली गांव के रहने वाले बची सिंह रावत की जन्म 1 अगस्त 1949 को हुआ था। जहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। जिसके बाद उन्होंने […]
यमुना के मायके में ही प्यासे हैं लोग डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला यमुना घाटी में जहां पानी ही पानी है वहां आज भी घरों के नल खाली और सूखे पड़े हैं। यमुनोत्री धाम के पास नौगावं क्षेत्र में जहां यमुना […]