हॉकी के स्वर्णिम युग के साक्षी मेजर ध्यानचंद (Major Dhyanchand) हॉकी के जादूगर डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला 1905 में जन्मे मेजर ध्यानचंद का असली नाम ध्यान सिंह था और उन्हें ध्यानचंद बैस के नाम से भी जाना जाता था। हॉकी […]
पहले भारतीय डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल (Dr. Pitambar Dutt Barthwal) हिंदी में डी.लिट डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला डाॅ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल का जन्म पौड़ी जनपद के लैंसडाउन से तीन किलोमीटर दूर कोडिया पट्टी के पाली गांव में 13 दिसंबर, 1901 में […]
चिंता: देवदार के वृक्ष हिमालय के कुछ क्षेत्रों से हो सकते हैं गायब! डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला देवदार जिसे कश्मीर में दिआर और हिमाचल में कैलोन कहते हैं पर्वतीय प्रदेश का एक पवित्र व पूजनीय पेड़ है। इसका नाम दो शब्दों […]
उत्तराखंड में मौसम का सितम जगह-जगह भूस्खलन (Landslides) डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला उत्तराखंड में मानसून भारी गुजर रहा है। भारी वर्षा व भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने के साथ जानमाल की व्यापक क्षति उठानी पड़ रही है। 15 […]
एक नजर: सनी देओल (Sunny Deol) का जुहू में स्थित बंगला नहीं बिकेगा, बैंक ने नीलामी का फैसला वापस लिया, अभिनेता को राहत। जानिए क्या है पूरा मामला मुख्यधारा डेस्क बॉलीवुड अभिनेता और पंजाब के गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी […]
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने लांस नायक दौलत सिंह मेहर (Daulat Singh Mehar) की मौत होने पर जताया गहरा दुःख देहरादून/मुख्यधारा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय सेना के जवान और देहरादून के विलासपुसर कांडली निवासी लांस नायक […]
याद आए पूर्व पीएम: राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की 79वीं की जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि देश में डिजिटल क्रांति लाने में राजीव ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, राहुल गांधी ने लिखा भावुक पोस्ट मुख्यधारा डेस्क पूर्व प्रधानमंत्री राजीव […]
हल्द्वानी: खेल मंत्री रेखा आर्या (Rekha Arya) ने किया मिनी स्टेडियम का लोकार्पण कहा क्षेत्र के बच्चों को अपने खेल के स्तर को बढ़ाने में मिलेगी मदद अभिवावकों को अपने बच्चों में खेल की भावना करनी चाहिए जागृत,साथ ही उन्हें […]
मुंजा (munja) एक लाभदायक खरपतवार है डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला मुंजा एक बहुवर्षीय घास है, जो गन्ना प्रजाति की होती है। यह ग्रेमिनी कुल की सदस्य है। इसका वैज्ञानिक नाम सेक्करम मूंज है। मूंज को रामशर भी कहते हैं। मुंजा […]
देश के लिए कुर्बान हुए थे देघाट (Deghat) के दो रणबांकुरे डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला ब्रिटिश भारत में टिहरी रियासत को छोड़ पूरे हिस्से को कुमाऊं ही कहा जाता था। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान इस क्षेत्र में क्रांति की […]