- पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में एसजेवीएन प्रभावितों की समस्याओं पर अहम बैठक
- 50 दिन में समाधान को हाई पावर कमेटी गठित
उत्तरकाशी/मुख्यधारा
नैटवाड़-मोरी क्षेत्र में संचालित एसजेवीएन परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय उत्तरकाशी में परियोजना प्रभावित क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं, भूमि अतिक्रमण, मुआवजा, पुनर्वास एवं अन्य लंबित मांगों को लेकर व्यापक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, ब्लॉक प्रमुख मोरी रणदेव राणा, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि हीरा सिंह नेगी, एसजेवीएन परियोजना प्रबंधक, एचआर प्रबंधक, बीडीसी सदस्य, पूर्व प्रधान डंगरा सहित बैनोल, देवरा, नैटवाड़, गैचवां तथा अन्य प्रभावित गांवों के ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

बैठक के दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने परियोजना निर्माण के कारण उत्पन्न विभिन्न समस्याओं को खुलकर रखा। ग्रामीणों ने भूमि अतिक्रमण, उचित मुआवजा न मिलने, पुनर्वास से जुड़े मुद्दों, रोजगार के अवसरों तथा कंपनी द्वारा पूर्व में किए गए वादों के अधूरे रहने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
विधायक दुर्गेश्वर लाल ने प्रभावित परिवारों की ओर से मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा कि परियोजना प्रभावित लोगों के अधिकारों और हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने विकास परियोजनाओं के लिए अपना योगदान दिया है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने एसजेवीएन प्रबंधन को पूर्व में किए गए सभी वादों और दायित्वों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश देने की मांग की। विधायक ने प्रशासन से भी प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करने को कहा।
बैठक में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद जिलाधिकारी ने एसजेवीएन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही भूमि अतिक्रमण, भूमि दर निर्धारण और मुआवजे से जुड़े विवादित मामलों के समाधान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया।
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा कर 50 दिनों के भीतर समाधान संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर लंबित समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक के बाद विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि क्षेत्रवासियों के अधिकार, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों की प्रत्येक जायज मांग को पूरा कराने के लिए वह हर स्तर पर प्रयासरत रहेंगे और किसी भी स्थिति में क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इस बैठक को परियोजना प्रभावित क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाई पावर कमेटी के गठन से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित मुद्दों का अब ठोस और समयबद्ध समाधान संभव हो सकेगा।


