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भू-कानून उल्लंघन : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज वाजपेयी उत्तराखंड में जमीन लेकर फंसे, नोटिस देने की शुरू हुई तैयारी, जानिए पूरा मामला

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भू-कानून उल्लंघन : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज वाजपेयी उत्तराखंड में जमीन लेकर फंसे, नोटिस देने की शुरू हुई तैयारी, जानिए पूरा मामला

मुख्यधारा डेस्क

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उत्तराखंड में जमीन खरीदना उनके लिए जी का जंजाल हो जाएगा। उत्तराखंड में नियमों के खिलाफ जमीन लेकर फिल्म एक्टर बुरी तरह फंस चुके हैं।

मनोज वाजपेयी उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा में साल 2021 में योगा सेंटर निर्माण के नाम पर 15 नाली जमीन खरीदी थी। उत्तराखंड में भू-कानून उल्लंघन के मामले में बुरे फंसते नजर आ रहे हैं। जल्द ही जिला प्रशासन उन्हें कानूनी नोटिस जारी करने की तैयारी में है। उसके बाद उनकी करोड़ों की जमीन सरकार में निहित करने की कार्यवाही शुरू हो सकती है। राज्य में भू-कानून की मांग के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों सभी जिला प्रशासन को बाहरी व्यक्तियों की ओर से खरीदी भूमि की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, तय शर्तों का पालन नहीं किया था उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके तहत अल्मोड़ा जिला प्रशासन बाहरी व्यक्तियों के भूमि खरीद का डाटा तैयार कर 23 लोगों की सूची बना ली है। इनमें से 11 के नाम सार्वजनिक भी हो चुके हैं। शेष अन्य को नोटिस जारी करने की तैयारी है। इनमें मशहूर फिल्म स्टार मनोज वाजपेयी का नाम भी शामिल है। प्रशासनिक अधिकरियों के मुताबिक नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। फिल्म स्टार मनोज वाजपेयी ने लमगड़ा में 15 नाली भूमि योग सेंटर निर्माण के नाम पर खरीदी थी।

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उन्होंने जमीन खरीदने के लिए सीधे शासन से अनुमति हासिल की थी। बताया जाता है कि जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रशासन ने कड़ी मशक्कत की थी। चर्चे यहां तक भी हैं कि फिल्म स्टार की जमीन की रजिस्ट्री बैकडोर से की गई थी। दो दिन के भीतर भूमि रजिस्टर हो गई थी। प्रशासन स्तर पर भी इस मामले में नियमों को ताक पर रखने की चर्चाएं हैं । वहीं बाहरी राज्यों के व्यक्तियों की ओर से गलत तरीके से भूमि खरीदने के मामले में मुंबई के उद्योगपति की भूमि जब्त की जा चुकी है। उद्योगपति ने मानकों को पूरा किए बिना चितई के पास 108 भूमि खरीदी थी। मामले में जिला प्रशासन ने उद्योगपति को नोटिस जारी किया था। पूछताछ के बाद भूमि खरीद बैनामे को अमान्य घोषित किया था। उद्योगपति ने कुमाऊं कमिश्नर के दरबार में गुहार को खारिज कर दिया गया है। अल्मोड़ा में भू-कानून के सर्वाधिक मामले अल्मोड़ा में आए हैं। खासतौर पर जिले के पर्यटक स्थलों पर जमकर जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है।

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