समय साक्ष्य लाइव पर प्रवीन भट्ट की प्रस्तुति साहित्यकारों को आ रही खूब पसंद

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मुख्यधारा ब्यूरो
देहरादून। लॉकडाउन काल में पाठकों और पुस्तक प्रेमियों को किताबों से जोडऩे की समय साक्ष्य की मुहिम रंग ला रही है। फेसबुक पर समय साक्ष्य लाइव नाम से शुरू की गई यह सिरीज समय साक्ष्य के पेज पर रोज शाम को चार बजे शुरू होती है, जिसमें प्रतिदिन एक नये लेखक के जीवन और उसके साहित्य से पाठकों को रूबरू कराया जाता है।
इस मुहिम के तहत अब तक 17 लेखकों की 31 किताबों की चर्चा हो चुकी है। अब तक विख्यात कथाकार विद्यासागर नौटियाल, मोहन थपलियाल, दिनेश कर्नाटक, शशिभूषण बडोनी, हेमचन्द्र सकलानी, सुशील उपाध्याय, प्रताप सिंह ‘मासापÓ, अशोक कण्डवाल, महावीर रवांल्टा, मुकेश नौटियाल, अनिल कार्की, मनीषा अग्रवाल, गीता गैरोला, माया गोला, नूतन डिमरी गैरोला, तथा दीवा भट्ट की किताबों पर चर्चा हुई है।

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समय साक्ष्य लाइव साहित्यकारों और पाठकों को खूब पसंद आ रहा है। देश भर से साहित्यकार व पुस्तक प्रेमी लाइव में जुड़कर पुस्तकों के बारे में चर्चा करते हैं। इस लाइव में प्रतिदिन दुनिया के अलग-अलग भागों के पाठकों के अतिरिक्त लंदन, मुम्बई, दिल्ली, नेपाल, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, गोपेश्वर, हल्द्वानी, नरेन्द्रनगर, अल्मोड़ा, पौड़ी, उत्तरकाशी सहित अनेक स्थानों से लोग जुड़ रहे हैं।
समय साक्ष्य लाइव चर्चा में अब तक जिन किताबों की चर्चा हुई है, उनमें उत्तराखंड मूल के ५१ चर्चित साहित्यकारों के साक्षात्कार का संग्रह भेद खोलेगी। साथ ही विद्यासागर नौटियाल की सम्पूर्ण कहानियां, मोहन थपलियाल की सम्पूर्ण कहानियां, किस्से मीडिया के, मीडिया का कबीरपंथ, डूबती टिहरी की आखिरी कविताएं, कोई एक खिड़की तथा अन्य कहानियां, गांव और किसान, कालड़ी से केदार, पलायन से पहले, अपनी माटी अपना बचपन, कैसे-कैसे लोग, मल्यों की डार, रास्ते अधूरे नहीं तथा कितने रंग की बातें आदि पुस्तकें शामिल हैं।
लाइव चर्चा में वरिष्ठ कथाकार सुभाष पंत, पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, मुकेश नौटियाल, अनिल कार्की, शादाब अली, महेश पुनेठा, रुचि बहुगुणा उनियाल, विजय भट््ट, शिखा वार्ष्णेय, नीलम नवीन, दिनेश कंडवाल, मनोज इष्टवाल, राजेश पाल, विनोद बग्याल, रीना पंत, मदन मोहन कण्डवाल, जागेश्वर जोशी, रोहित कौशिक, कुसुम भट्ट सहित अनेक लेखक व पाठक निरन्तर जुड़ रहे हैं।
समय साक्ष्य फेसबुक लाइव के संचालक प्रवीन कुमार भट्ट ने कहा प्रतिदिन आयोजित हो रहा यह लाइव साहित्यकारों और पाठकों के बीच धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। डेढ़ से दो घंटे चलने वाली चर्चा में प्रतिदिन 200-700 लोग तक जुड़ जाते हैं। लाइव चर्चा में अब तक कहानी, कविता, उपन्यास, यात्रा वृत्तांत, पत्रकारिता, सामाजिक सरोकार, समीक्षा, आलोचना, संस्मरण, नाटक सहित लगभग सभी विधाओं पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि इस चर्चा को निरन्तर जारी रखा जाएगा।

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समय साक्ष्य लाइव में शुक्रवार, 24 अप्रैल, शाम 4 बजे युवा कवि, अनेक फिल्मी गीतों के लेखक, बॉम्बर्स वेबसीरीज और होस्टल जैसी वेबसीरीज के लेखक लवराज के पहले कविता संग्रह डुंचा पर चर्चा होगी। लवराज उन चर्चित युवा कवियों में शामिल हैं, जिनकी कविताओं को पाठको का खूब प्यार मिला है। गहरे संदर्भो के कवि हैं लवराज। इनके अलावा लवराज चर्चित संगीत बैंड पांडवाज के लिए भी गीत लिख रहे हैं। दिग्विजय परिहार का गाया गाना शम्भु भी लवराज ने ही लिखा है। लवराज ऐड फिल्में भी लिखते हैं। अब तक किआ मोटर्स, किसान और टॉपर जैसे चर्चित कैंपेन लिख चुके हैं। इन दिनों चर्चित अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दिक्की की एक फि़ल्म के गीत लिख रहे हैं। नेटफ्लिक्स और हॉटस्टार के लिए वेबसीरीज लिख रहे हैं। ज़ी म्यूजिक के साथ भी सक्रिय हैं और साथ ही अपनी माटी के कुमाऊंनी गीत भी लिख रहे हैं।
समय साक्ष्य लाइव में शनिवार, 25 अप्रैल, शाम 4 बजे युवा कवि व शिक्षक शंकर जोशी कुमाऊंनी कवि के पुस्तक ‘गांव की यादें ट्रेन तक’ के साथ ही उनके रचनाकर्म पर बात होगी। साथ ही शंकर जोशी अपनी माटी के कुमाऊंनी गीत भी लिख रहे हैं। इस प्रतिभाशाली युवा कवि के जीवन और कविताओं से संबंधित चर्चा में शामिल रहिये। कविता पाठ भी होगा। आपका स्वागत है।

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