देहरादून। कोटा-मथुरा सफल अभियान के पश्चात एसडीआरएफ ने प्रयागराज उत्तर प्रदेश में फंसे 75 छात्रों को देहरादून लाने का जिम्मा संभाला है।
एसडीआरएफ के द्वारा संचालित अभियान 26 अप्रैल को आरम्भ हुआ। अभियान में एसडीआरएफ के 6 जवान छात्रों को लेने के लिए देहरादून से प्रयागराज को उत्तराखंड परिवहन के 4 बसों संग रवाना हुए। टीम एसडीआरएफ 27 अप्रैल को लगभग एक बजे प्रयागराज पहुंची। सभी छात्रों का चिकित्सीय प्रशिक्षण एवं आवश्यक सेनेटाइजेशन किया गया। सभी छात्रों का तापमान सामान्य पाया गया। सभी को सेनेटाइजर एवं मास्क वितरित किये गए व नाम,पता मोबाइल नम्बर इत्यादि का अभिलेखीकरण किया गया।
तत्पश्चात 75 छात्रों को लेकर टीम देहरादून को रवाना हुई। टीम एसडीआरएफ स भी छात्रों को लेकर आज नौ बजे स्पोर्ट कॉलेज रायपुर देहरादून पहुंची। सभी जवानों एवं छात्रों को सुरक्षा की दृष्टि से क्वारन्टीन किया गया है।
ज्ञातव्य हो कि कोटा मथुरा अभियान के पश्चात भी एसडीआरएफ के 39 जवानों के पंतनगर एवं ग्राफिक एरा में क्वारन्टीन किया गया हैं। प्रयागराज से देहरादून पहुंचे 75 छात्रों में 68 छात्रा देहरादून, 5 छात्रा उत्तरकाशी, एवं 1-1 छात्रा चमोली व टिहरी के निवासी हंै। सम्पूर्ण अभियान को सेनानायक एसडीआरएफ के द्वारा संचालित किया जाता रहा एवं कंट्रोल के माध्यम से आवश्यक दिशा निर्देश भी टीम को प्रेषित किये जाते रहे।
गौरतलब है कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में एक बार फिर एसडीआरएफ ने खुद को साबित किया है। एसडीआरएफ ने प्रदेश भर सेे कोविड-19 से जंग में प्रशिक्षण एवम अवेर्नेश को अपना अहम हथियार बनाया है। जिसके तहत पूरे राज्य में स्थापित पोस्टों में तैनात टीमों के द्वारा एसडीआरएफ सेनानायक तृप्ति भट्ट के दिशा निर्देशन में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं अवेयरनेस आरम्भ किया। अभियान को गति, ऊर्जा प्रदान करने एवंं दूरस्थ स्थानों में पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रशिक्षण भी आरम्भ किया, जिसमे जूम एप के माध्यम से प्रशिक्षण भी सम्मलित है।
प्रयागराज में फंसे 75 छात्र दून पहुंचे तो चेहरे पर छायी रौनक। सभी किए क्वारंटीन
