सीएम धामी से मिलने के बाद बोले अंकिता भंडारी के माता-पिता, हम बिके नहीं, सीबीआई जांच व वीआईपी को सामने लाने की मांग रखी
मामचन्द शाह/देहरादून
कड़कड़ाती ठंड के बीच उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर उबाल मार रहा है। बीती 7 जनवरी 2026 की सायं अंकिता भंडारी के माता-पिता की देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात हुई। उन्होंने इस प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज तक हुई जांच से आगे की जांच करने के लिए सीबीआई जांच इसलिए आवश्यक है, क्योंकि जिस वीआईपी के कारण उनकी बेटी की हत्या हुई, उसका चेहरा सबसे सामने लाना बहुत चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार 7 जनवरी की सायं मुख्यमंत्री आवास देहरादून में स्व. अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी एवं माता सोनी देवी ने भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकरण से संबंधित अपने मंतव्य एवं भावनाएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग एवं उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बता दें कि एक दिन पूर्व 6 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री ने देहरादून में प्रेस कांफ्रेस के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि इस मामले में वे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलेंगे और वे जो भी जांच कहेंगे, सरकार हर जांच को तैयार है।
इसके बाद 7 जनवरी को मुख्यमंत्री धामी के साथ अंकिता भंडारी के माता-पिता की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया में साझा हुई, उन पर ये आरोप भी लगने लगे कि वे मुख्यमंत्री से मिल गए हैं तो संभवतः वे बिक गए हों ! पिछले तीन वर्षों से अपनी लाडली बेटी स्व. अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने को दर-दर की ठोकरें खाने वाले अंकिता के माता-पिता को ये बातें चुभ गई और आज उन्होंने अपनी बात मीडिया के माध्यम से स्पष्ट तरीके से न सिर्फ साझा कीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग वाला अनुरोध पत्र भी सार्वजनिक किया, जो उन्होंने गत दिवस मुख्यमंत्री को सौंपा था।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में लिखा है कि अंकिता भंडारी के केस में वीआईपी को पकड़ने के लिए सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में की जाए। उन्होंने लिखा है कि मैं वीरेंद्र सिंह भंडारी पिता अंकिता भंडारी आपसे निवेदन है कि मेरी लड़की के हत्यारों को उम्र कैद के अतिरिक्त कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए तथा वीआईपी की वजह से मेरी लड़की की हत्या की गई और उस वीआईपी का अभी तक पता नहीं चला। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि वीआईपी को पकड़ने के लिए सरकार से अपील करता हूं कि सीबीआई की जांच की जाए, जो कि सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में की जाए। जहां तक जांच पूर्ण हो गई है और अभियुक्त उम्र कैद की सजा हो चुकी है, सीबीआई द्वारा उससे आगे की जांच की जाए।
आज मीडिया के माध्यम से भी अंकिता भंडारी के माता-पिता ने अपनी बात रखी और दोनों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि वे बिक गए हैं, लेकिन वे स्पष्ट कहना चाहते हैं कि वे बिकने वालों में से नहीं हैं। आज उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है, किंतु वे इस मामले की सीबीआई से जांच करवाकर दोषियों को ऐसी कड़ी सजा दिलाना चाहते हैं, ताकि किसी अन्य बेटी के साथ उनकी बेटी जैसा कृत्य न हो सके। उन्होंने कहा कि जब उनकी बेटी किसी के आगे नहीं झुकी तो वे कैसे झुक सकते हैं।
पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर क्षेत्र के वतंत्रा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की लगभग तीन साल पहले 18 सितंबर 2022 को हुए हत्याकांड ने पूरे राज्यवासियों को झकझोर दिया था। तभी से इस प्रकरण की अंकिता के माता-पिता के साथ ही राज्यवासियों द्वारा सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। अभी एसआईटी द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है और इसमें तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
दरअसल हाल ही में यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब भाजपा के पूर्व विधायक एवं वर्तमान में निष्कासित नेता सुरेश राठौर की कथित अभिनेत्री पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर ऑडियो पोस्ट करने के साथ ही कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े उनके पास ऐसे कुछ साक्ष्य मौजूद हैं, जो उस वीआईपी को सामने लाकर अंकिता को न्याय दिला सकते हैं। तभी से पौष की इस कड़कड़ाती ठंड में वीआईपी को सजा दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग हो रही है। देहरादून में इसको लेकर सर्वदलीय रूप से मुख्यमंत्री आवास कूच भी किया गया।
उधर 6 जनवरी को उर्मिला सनावर को स्वामी दर्शन भारती देहरादून लेकर पहुंचे और 7 जनवरी को उन्होंने एसआईटी देहरादून को अपने बयान दर्ज कराए, जबकि आज 8 जनवरी को उन्होंने हरिद्वार एसआईटी को बयान दर्ज कराए।
अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के एक दिन बाद आज 8 जनवरी को राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी का नाम परिवर्तित कर ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी’ किया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी कहते हैं कि हमारी सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उनके द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अब चूंकि मुख्यमंत्री से मिलकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है और सीएम पहले ही कह चुके हैं कि अंकिता के माता-पिता जिस जांच को भी कहेंगे, वे हर जांच को तैयार हैं, ऐसे में गेंद मुख्यमंत्री के पाले में हैं। अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड की धामी सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर पाती है या नहीं!
‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ ने 11 जनवरी को “उत्तराखंड बंद” का किया आह्वान
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ हस्तियों की जांच और गिरफ्तारी की मांग को लेकर गठित “अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” ने 11 जनवरी को “उत्तराखंड बंद” का आह्वान किया है। मंच के नेताओं ने प्रेस क्लब देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि सरकार जांच में पारदर्शिता नहीं बरत रही है और ‘VIP’ को बचाने की कोशिश हो रही है।
उत्कृष्ट लेखन के कार्यों के लिए डॉ. हरीश चंद्र अंडोला सम्मानित देहरादून/मुख्यधारा दून विश्वविद्यालय के डॉ. हरीश चंद्र अंडोला को उनके द्वारा उत्कृष्ट लेखन के कार्यों के लिए सोच संस्था द्वारा उत्कृष्ट सम्म्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. हरीश चंद्र […]