डॉ0 नंदकिशोर हटवाल के नाटक ‘जमन दास ढोली’ का विश्व पुस्तक मेले में हुआ विमोचन
दिल्ली/देहरादून/मुख्यधारा
4 फरवरी 2025 को विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान दिल्ली में समय साक्ष्य के स्टाल पर नंद किशोर हटवाल के नाटक ‘जमन दास ढोली’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार गणेश खुशहाल गणी ने कहा की यह नाटक अपने आप में अनूठा है। यह उत्तराखंड की ढोल वादन कला पर विशिष्ट तरीके से प्रकाश डालता है। साहित्यकार बीना बैंजवाल ने कहा कि जमन दास ढोली नाटक उत्तराखंड की संस्कृति तथा यहां के लोक कलाकारों को केंद्र में रखकर रचा गया है। इस नाटक में ढोल वादकों की समस्याएं, सम्मान, रोजगार सहित अनेक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है।
इस अवसर पर रमाकांत बैंजवाल ने गढ़वाली में अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने कहा कि पहली बार ही किसी लोक कलाकार को केंद्र में रखकर कोई नाटक लिखा गया है। इसमें कला के साथ कलाकारों की स्थिति को भी स्पष्ट किया गया।
साहित्यकार शूरवीर रावत ने कहा कि नाटक उत्तराखंड में ढोल की महत्ता को प्रभावपूर्ण तरीके से स्पष्ट करता है। नाटक में कला तथा कलाकारों को हल्के रूप से लेने वालों पर व्यंग्य के साथ सांस्कृतिक संरक्षण का दिखावा करने वाले संस्कृत कर्मियों पर व्यंग्य भी है। इस अवसर पर समय साक्ष्य के समन्वयक प्रवीण भट्ट भी उपस्थित थे।
संपूर्ण नाटक 10 दृश्यों में विभाजित है । नाटक के संवाद प्रभावशाली भाषा शैली गढ़वाली मिश्रित हिंदी है। नाटक की भूमिका प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ राजेश पाल में लिखी है। प्राक्कथन सुप्रसिद्ध निर्देशक अभिनेता तथा कला प्रदर्शन विशेषज्ञ सुवर्ण रावत ने लिखा है। नाटक पर सुप्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भरतवाण, प्रोफेसर डी आर पुरोहित, प्रेम हिंदवाल, सतीश धौलाखंडी तथा हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक दिनेश की भोंसले की सम्मतियां भी है।
प्रकाशक : समय साक्ष्य, 15 फालतू लाइन देहरादून, 248001, फोन नंबर 0135 2658894
पृष्ठ संख्या : 192
मूल्य : ₹ 250
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