भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, विश्व वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर मेडल
मुख्यधारा डेस्क
भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। उन्होंने शुक्रवार को नॉर्वे के फोर्डे में चल रही भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में महिला 48 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। यह मीराबाई का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में तीसरा पदक है। काफी समय से मानसिक और शारीरिक रूप से जूझ रहीं चानू ने साबित कर दिया कि चोटों और संघर्षों के बावजूद वह आज भी विश्व वेटलिफ्टिंग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं। उनका यह रजत पदक आने वाले पेरिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक उत्तर कोरिया की रि सोंग गुम के नाम रहा। उन्होंने 213 किग्रा (91 किग्रा स्नैच + 122 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर नए विश्व रिकॉर्ड बनाए। खासकर उनके अंतिम दो प्रयास (120 किग्रा और 122 किग्रा) ऐतिहासिक साबित हुए।
इस मुकाबले का कांस्य पदक थाईलैंड की थनयाथोन सुक्चारो ने जीता। उन्होंने 198 किग्रा (88 + 110 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू ने स्नैच में 84 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम समेत कुल 199 किलोग्राम का भार उठाते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा किया। वह उत्तर कोरिया कि रि सोंग गुम से पीछे रहे गईं और गोल्ड मेडल जीतने से चूकीं। रि सोंग ने कुल 213 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जबकि चीन की थान्याथन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
स्नैच राउंड के बाद चीन की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से 4 किलोग्राम आगे चल रही थीं। मगर क्लीन एंड जर्क में मीराबाई ने कमाल किया और 1 किलोग्राम की कुल लीड से सिल्वर मेडल भारत की झोली में डाल दिया। बता दें कि आखिरी बार टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू ने 115 किलोग्राम का भार क्लीन एंड जर्क में उठाया था। वहां भी उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। उसके बाद पिछले चार सालों में वह लगातार चोट और सर्जरी वगैरह से गुजरी हैं।
हालांकि, 2022 विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। विश्व चैंपियनशिप के मंच पर रजत पदक जीतने के बाद वह प्लेटफॉर्म से सीधा अपने कोच विजय शर्मा के पास गईं और उनका धन्यवाद अदा किया। पेरिस ओलंपिक के बाद यह पहला मौका ही था जब मीराबाई चानू ने किसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।भारतीय टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा ने पहले ही कहा था कि इन विश्व चैंपियनशिप का लक्ष्य मीराबाई को फिर से 200 किग्रा का आंकड़ा पार कराने का है और उन्हें 49 किग्रा वर्ग में उठाए गए भार के करीब लाना है। हालांकि, चानू 199 किग्रा तक ही पहुंच सकीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उत्साहवर्धक रहा।


