दुखद हादसा : राजस्थान में फाइटर जेट जैगुआर क्रैश, दोनों पायलटों की मौत, सूरतगढ़ एयरबेस से भरी थी उड़ान
मुख्यधारा डेस्क
आज भारतीय वायुसेना को बड़ी क्षति हुई है। राजस्थान के चुरू जिले में प्रशिक्षण के दौरान वायुसेना का जैगुआर प्लेन क्रैश हो गया।
राजस्थान के चुरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर वायुसेना का जगुआर विमान क्रैश हुआ है। इस हादसे में दो पायलट की मौत हो गई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
वायुसेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना रुटीन फ्लाइट के दौरान हुई। यह जगुआर फाइटर जेट श्रीगंगानगर के पास सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ा था।
जगुआर विमान कम ऊंचाई से तीव्र हमला करने वाला फाइटर जेट है। यह ब्रिटिश-फ्रेंच सुपरसोनिक जेट अटैक एयरक्राफ्ट है जो ग्राउंड अटैक और एंटी-शिप मिशन के लिए इस्तेमाल होता है। वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि हादसे में किसी नागरिक या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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दुर्घटना स्थल को सुरक्षात्मक घेरे में ले लिया गया है। भारतीय वायुसेना ने दोनों पायलटों की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है, इस दुर्घटना में दो बहुमूल्य जीवनों की क्षति पर गहरा दुख है। हम इस कठिन समय में शोकसंतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। हादसे की वजह का पता लगाया जा रहा है।
भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह हादसा रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुआ, जब चुरू के पास सेना का जगुआर एअरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई है। हादसे पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं। वायुसेना के इस लड़ाकू विमान ने सूरतगढ़ से उड़ान भरी थी। विमान में 2 पायलट मौजूद थे, जिनकी जान चली गई है। हालांकि, रतनगढ़ के पास विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वायुसेना ने 2 हेलीकॉप्टर घटनास्थल की ओर रवाना किए। वहीं, अब भारतीय वायुसेना की तरफ से कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं।
बता दें कि इससे पहले भी 2 बार जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हो चुके हैं। 3 महीने पहले भी ऐसा ही एक हादसा देखने को मिला था। अप्रैल में जामनगर एअरफील्ड से उड़ान भरने वाला जगुआर एअरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। भारतीय वायुसेना के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ था। वहीं, 7 मार्च को हरियाणा के अंबाला में भी जगुआर एअरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। जगुआर लड़ाकू विमान को ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा मिलकर 1970 के दशक में तैयार किया गया था। ये विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए हमला करने में माहिर है। भारतीय वायुसेना ने साल 1979 में अपने बेड़े में जगुआर लड़ाकू विमान को शामिल किया था। ये विमान अब भी वायुसेना को सेवा दे रहा है।


