सी.एम.ओ. डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने किया आशाओं की दैनिक डायरी का अवलोकन
देहरादून/मुख्यधारा
शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा द्वारा जनपद के शहरी क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकत्रियों की दैनिक डायरी का अवलोकन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शहरी क्षेत्र के अंतर्गत मन्नूगंज से आशा मजू काला, बिंदाल बस्ती से लक्ष्मी देवी, भगत सिंह कॉलोनी से ममता पाल, गुरू रोड से अनिता देवी, संजय कॉलोनी मंजू रानी, शिव कॉलोनी से मंजू बाला अपनी दैनिक डायरी लेकर उपस्थित हुई।
अवलोकन के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा आशा कार्यकत्रियों से उनके कार्यक्षेत्र एवं उनकी दैनिक क्रियाकलापों की जानकारी ली गयी। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों की दैनिक डायरी का अवलोकन करते हुए कहा कि सभी आशा कार्यकत्रियां अपने क्षेत्र में परिवार सर्वे का कार्य गंभीरता से करें, सर्वे के दौरान समस्त जानकारियां अपनी डायरी में दर्ज करें। गर्भवती महिलाओं की निरंतर निगरानी के संबंध में उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं व टीकाकरण हेतु बच्चों की ड्यू लिस्ट को अपडेट रखें।

छः महा से लेकर पांच वर्ष आयु तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार आयरन सिरप का वितरण करें तथा संबंधित रिपोर्टिंग प्रति माह ए.एन.एम. को उपलब्ध करायें।
संस्थागत प्रसव एवं ए.एन.सी. जांच जागरूकता अभियान के संबंध में उन्होंने आशा कार्यकत्रियों को निर्देश दिये कि आगामी एक सप्ताह में संभावित प्रसव तिथि वाली गर्भवती महिलाओं से निरंतर संपर्क करते हुए उनके स्वास्थ्य की निगरानी करें। साथ ही नजदीकी प्रसव केन्द्र में प्रसव से पूर्व तैयारियों में गर्भवती की मदद करें। उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करते हुए उनका प्रसव जिला चिकित्सालय या उप जिला चिकित्सालय में ही करवायें।
बैठक के अंत में सी.एम.ओ. डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने आशा कार्यकत्रियों के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समुदाय स्तर पर लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आशाओं की अहम भूमिका है।
सक्सेस स्टोरी
गर्भवती महिला को संस्थागत प्रसव के लिए आशा कार्यकत्री ने किया प्रोत्साहित।
पहले प्रसव में हुई थी होम डिलीवरी, आशा की मदद से अस्पताल में कराया दूसरा प्रसव
आशा – ममता पाल, भगत सिंह कॉलोनी
यूपीएचसी – चूनाभट्टा , देहरादून शहरी क्षेत्र
देहरादून शहरी क्षेत्र के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चूनाभट्टा के अंतर्गत भगत सिंह कॉलोनी में कार्यरत आशा काार्यकत्री ममता पाल ने अपनी कार्यक्षमता से एक मिसाल पेश की है। क्षेत्र में निवासरत गर्भवती महिला नाजिया पत्नी शाहबान का पहला प्रसव जनवरी 2023 में घर पर अप्रशिक्षित दाई द्वारा संपादित किया गया था।
आशा कार्यकत्री ममता पाल ने नाजिया के शिशु के टीकाकरण के दौरान धात्री महिला को बच्चे और स्वयं की देखभाल के लिए सलाह दी। इसके साथ-साथ निरंतर घर भ्रमण के दौरान ममता द्वारा नाजिया को परिवार नियोजन के बारे में भी सलाह दी गयी। आशा की सलाह पर नाजिया द्वारा परिवार नियोजन के अस्थायी उपाय को भी अपनाया गया।
जून 2025 में नाजिया दूसरी बार गर्भवती हुई। महिला का पहला प्रसव होम डिलीवरी के माध्यम से होने के कारण आशा ममता पाल द्वारा महिला की निरंतर मॉनिटरिंग शुरू की गयी। आशा द्वारा गर्भवती महिला को चार ए.एन.सी. जांच तथा संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित करना शुरू किया, किंतु शुरूआत में महिला ने स्वास्थ्य जांच व प्रसव हेतु अस्पताल जाने से इंकार कर दिया। फिर आशा द्वारा क्षेत्र की आशा फैसिलिटेटर, ए.एन.एम. तथा आशा कोऑर्डिनटर को यह सूचना दी गयी, जिसके उपरांत सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा के साथ संबंधित महिला के घर गये। घर पर महिला तथा उसके परिजनों को संस्थागत प्रसव, ए.एन.सी. जांच तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी।
काफी प्रयास के बाद तथा निरंतर गृह भ्रमण करने के उपरांत आशा गर्भवती महिला नाजिया को मनाने में सफल हुई तथा गर्भधारण के 7वें महीने में महिला को यू.पी.एच.सी. भगत सिहं कॉलोनी में ले जाकर पहली ए.एन.सी. जांच करवाई गयी, जिसमें महिला एनीमिक पायी गयी। तदोपरांत 8वें माह तथा प्रसव के पूर्व 9वें माह में पुनः नाजिया की ए.एन.सी. जांच करवाई गयी।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयास तथा नाजिया के परिजनों के कई दौर की वार्तालाप के बाद आखिरकार 27 मार्च 2026 को महिला को प्रसव हेतु 108 आपाताकलीन सेवा की मदद से जिला चिकित्सालय कोरोनेशन चिकित्सालय ले जाया गया, जहां महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। जन्म के समय शिशु का वजन 3 कि.ग्रा. था। एनीमिक होने के कारण नाजिया को प्रसव के उपरांत आयरन की खुराक भी दी गयी।
48 घंटे चिकित्सालय में रहने के उपरांत धात्री महिला एवं शिशु को खुशियों की सवारी के माध्यम से घर छोड़ा गया। वर्तमान में बच्चे का टीकाकरण प्रारम्भ हो चुका है। जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। स्वस्थ नवजात शिशु के घर पहुंचने पर परिजनों ने बताया कि वे बहुत खुश हैं तथा अस्पताल को लेकर उनका भय एवं शंकाएं समाप्त हो गयी हैं। चिकित्सालय में की गई देखभाल से परिजन अत्यंत संतुष्ट नजर आये।
यह घटना जहां एक ओर संस्थागत प्रसव के महत्व को रेखांकित करती है, वहीं लाभार्थीपरक स्वास्थ्य योजनाओं की सार्थकता को भी सिद्ध करती है। साथ ही आशा कार्यकत्री ममता पाल, आशा फैसिलिटेटर हरी देवी, ए.एन.एम. आकांक्षा, ब्लॉक कोऑर्डिनटेर आशा संगीता नवानी के सामूहिक प्रयास ने जिस प्रकार नाजिया को सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने में मदद की उससे स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संवेदनशीलता और कार्यदक्षता पर आम जनता का भरोसा स्थापित करती है।


