Disaster : जान-माल के साथ देहरादून को भारी नुकसान, सड़कें-पुल ध्वस्त, शहर के लोगों को हो रही परेशानी, अभी तक 15 लोगों की मौत, कई लापता
देहरादून/मुख्यधारा
आपदा ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को काफी नुकसान पहुंचा दिया है। शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर पुल क्षतिग्रस्त और सड़कें बह गई हैं । ऐसे ही हरिद्वार रोड पर भी कई जगह सड़कों में दरार हैं। उफनती नदियों के कारण इमारतें, सड़कें और पुल बह गए, जिससे 15 लोगों की मौत हो गई, 16 लापता हो गए और इस पहाड़ी राज्य के विभिन्न स्थानों पर 900 लोग फंस गए।

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार कुल मौतों में से अकेले देहरादून जिले में 13 और नैनीताल एवं पिथौरागढ़ जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। देहरादून की तहसील विकासनगर क्षेत्र में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कालसी में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं, विकास नगर के एक अन्य क्षेत्र में दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। सदर क्षेत्र में दो लोगों की डूबने से और एक की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हुई है, तो वहीं बादल फटने के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
विकास नगर और सदर क्षेत्र में 16 लोग बादल फटने और डूबने के कारण लापता हैं जिनकी खोज की जा रही है। देहरादून में बारिश की बर्बादी के कारण कई रूट डायवर्ट । भारी बारिश से देहरादून-पौंटा हाईवे पर प्रेमनगर नंदा की चौकी के पास पुल का हिस्सा टूटने से यातायात बाधित हो गया है। देहरादून से विकासनगर जाने वाले वाहनों को पंडितवाड़ी-रांगड़वाला तिराहे से व विकासनगर से देहरादून आने वाले वाहनों को सिघनीवाला तिराहे से डायवर्ट किया है।
भाऊवाला/सुद्धोवाला/झाझरा से देहरादून शहर की ओर आने वाले ट्रैफिक को बालाजी धाम से डायवर्ट। बडोवाला होते हुए प्रेमनगर/आईएसबीटी/देहरादून शहर में प्रवेश। इसी रूट से इन स्थानों की ओर वापस जाएंगे।
देहरादून शहर से विकासनगर/सहसपुर/झाझरा/सेलाकुई की ओर जाने वाले ट्रैफिक को रागड़वाला तिराहा से डायवर्ट।
भारी बारिश से देहरादून- हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ क्षेत्र में सीमा डेंटल कॉलेज के पास पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित हो गया है। देहरादून हरिद्वार जाने वाले वाहनों को भानियावाला एवं नेपाली फार्म से डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार, आज देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली के साथ तीव्र बारिश के आसार हैं। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून के सहस्त्रधारा में बादल फटने की घटना के बाद भी राजधानी में राहत की संभावना नहीं है। इसके अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर में भी कई स्थानों पर गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की उम्मीद है।
देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सहस्त्रधारा में हुई भारी तबाही
देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सहस्त्रधारा में सोमवार देर रात बादल फटने से अफरातफरी मच गई। मुख्य बाजार में मलबा आने की वजह से बड़े होटलों और दुकानों को काफी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने एनडीआरएफ के साथ मिलकर करीब 100 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। दो लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश हो रही है। बारिश के बाद ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। तमसा नदी (जिसे टोंस नदी भी कहा जाता है) के पानी से उसके तट पर स्थित प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर जलमग्न हो गया, जिससे उसके प्रवेश द्वार के पास स्थित विशाल हनुमान प्रतिमा कंधों तक डूब गई। देहरादून जिले में सड़कें टूट गईं और कई पुल बह गए। उफनती नदियों का पानी सड़कों पर बह रहा था, ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में एसडीआरएफ के जवान बाढ़ग्रस्त नदियों की तेज धाराओं में फंसे लोगों को निकालने में मदद करते दिख रहे हैं, जहां कारें और ट्रक समेत कई गाड़ियां फंसी हुई थीं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जनपद देहरादून में टोंस नदी में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दु:खद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
इस घटना में काल-कवलित हुए उत्तर प्रदेश निवासियों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं प्रत्येक पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।


