- पुरोला विधानसभा में शिक्षा के विस्तार को नई रफ्तार
- कफनौल और ओढ़गांव हाईस्कूल होंगे इंटरमीडिएट, लिवाड़ी जूनियर हाईस्कूल का हाईस्कूल में होगा उच्चीकरण
नीरज उत्तराखंडी/पुरोला, उत्तरकाशी
पुरोला विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। विधानसभा क्षेत्र के नौगांव और मोरी विकासखंडों में तीन विद्यालयों के उच्चीकरण को मंजूरी मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में आगे की पढ़ाई के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
शैक्षिक सुविधाओं के विस्तार के तहत राजकीय हाईस्कूल कफनौल और राजकीय हाईस्कूल ओढ़गांव का उच्चीकरण इंटरमीडिएट स्तर तक किया गया है। वहीं राजकीय जूनियर हाईस्कूल लिवाड़ी को हाईस्कूल स्तर पर उच्चीकृत किया गया है।
इन विद्यालयों के उच्चीकरण से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को कक्षा 10वीं और 12वीं के बाद की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख करने की मजबूरी कम होगी। खासकर दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभिभावकों को बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए होने वाले अतिरिक्त खर्च और आवागमन की परेशानी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
इन शैक्षिक उपलब्धियों के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए 1 अक्टूबर 2026 की तिथि प्रस्तावित की गई है। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा से जुड़ी नई सुविधाओं को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किए जाने की तैयारी है।
ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा आधार
पुरोला विधानसभा क्षेत्र के कई गांव भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम हैं। ऐसे में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र से बाहर जाना पड़ता है। विद्यालयों का उच्चीकरण इस चुनौती को कम करने की दिशा में अहम कदम है।
विधायक दुर्गेश्वर लाल ने विद्यालयों के उच्चीकरण को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना क्षेत्र के भविष्य के लिए जरूरी है और विद्यालयों का उच्चीकरण इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
विधायक ने उम्मीद जताई कि इन विद्यालयों के उच्चीकरण से स्थानीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का वातावरण और मजबूत होगा।


