- उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज से
- धामी सरकार कई विधेयक पेश करेगी
- कई मुद्दों पर विपक्षी भी घेरने के लिए तैयार
गैरसैंण/मुख्यधारा
उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। यह सत्र चार दिनों तक गैरसैंण में चलने वाला है. जानकारी के मुताबिक सरकार कई विधेयक पेश करेगी। जबकि, विपक्ष हंगामा करने की तैयारी में है। बीजेपी ने सत्र से पहले विधानमंडल दल की बैठक की। कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।
विधानसभा सत्र के लिए सरकार और विपक्ष ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) पहुंच गए हैं। सत्र के दौरान आपदा और पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन गरमाने के आसार हैं।

सरकार वित्तीय आवश्यकताओं के लिए अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके साथ ही सरकार उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन समेत नौ विधेयक पारित कराने के लिए लाएगी। मानसून सत्र के लिए भाजपा के सभी मंत्री और विधायकों को तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए गए हैं।
देर शाम हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में यह निर्देश दिए गए। विधानसभा परिसर में आयोजित बैठक के दौरान सभी मंत्री और विधायकों को सदन में पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहा गया। खासकर विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर तर्कों और तथ्यों के आधार पर जवाब देने को कहा गया है।
इस दौरान सदन में विधायकों को उपस्थिति बनाए रखने को भी कहा गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ धन सिंह रावत, रेखा आर्या के साथ कई विधायक मौजूद रहे। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि बैठक में पार्टी के सभी विधायकों को सदन के संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
धामी सरकार इस मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने वाली है। बताया जा रहा है कि वित्तीय प्रावधानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी निकायों से जुड़े संशोधन बिल एजेंडे में शामिल हैं। सरकार का जोर “विकास और पारदर्शिता” के संदेश पर होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है और विपक्ष को भी रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है।
विपक्ष का कहना है कि सरकार ने राज्य में आई प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में गंभीर चूक की है। साथ ही बेरोजगारी, महंगाई, बिजली संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को सदन में कटघरे में खड़ा किया जाएगा। कांग्रेस ने यह भी संकेत दिए हैं कि वह हाल के भर्ती घोटालों और युवाओं की नाराज़गी को लेकर सत्र में सरकार से जवाब मांगेगी।
यह सत्र इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं को सदन में उठाने की तैयारी में हैं। गैरसैंण में सत्र आयोजित होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, पलायन और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा गर्मा सकती है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने सभी दलों से अपील की है कि वे अनुशासन और गरिमा के साथ चर्चा में भाग लें। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सदन का हर मिनट उपयोगी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद थे।


