ऋषिकेश : देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

Mukhyadhara
IMG 20260704 WA0024
  • राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का किया शुभारंभ
  • देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • ‘मुख्यमंत्री की उपलब्धि पर राज्यपाल ने दी बधाई, विकास कार्यों की सराहना की’‘उत्तराखण्ड विकास और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा : राज्यपाल’
  • जनसेवा ही सरकार का मूल मंत्र, वर्ष 2035 तक विकसित एवं श्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण का लक्ष्य : मुख्यमंत्री

ऋषिकेश/मुख्यधारा

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि यह अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक नागरिक तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुँचे।

राज्यपाल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक समय तक दायित्व निभाने की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है।

IMG 20260704 WA0020

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड ने पिछले वर्षों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जिसने समानता, न्याय और सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ किया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सशक्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान तथा प्रभावी भू-कानून जैसे निर्णय जनहित और सुशासन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि राज्य की विकास यात्रा में महिलाओं, युवाओं, किसानों और सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण तथा ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राज्यपाल ने कहा कि केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्य, पर्यटन और होमस्टे योजना के विस्तार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों तथा आधारभूत संरचना परियोजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे नवाचार आधारित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा’ का संदेश राज्य की क्षमता और संभावनाओं पर उनके विश्वास का परिचायक है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से इस संकल्प को साकार किया जा सकता है।

IMG 20260704 WA0022

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज से पांच वर्ष पूर्व उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ था और यह यात्रा जनसेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश की जनता का विश्वास, स्नेह एवं आशीर्वाद ही अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन एवं जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखण्ड को विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, पर्यटन, उद्योग, निवेश, स्वरोजगार एवं सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, होमस्टे योजना, सौर स्वरोजगार योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।

IMG 20260704 WA0025

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेलों एवं जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से राज्य को नई पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य की जीएसडीपी में वृद्धि, प्रतिव्यक्ति आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट, नए उद्योगों की स्थापना तथा स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या उत्तराखण्ड की प्रगति का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से रिवर्स पलायन को भी गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी भावना के साथ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी, सेवा और विकास के संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को वर्ष 2035 तक विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ धन सिंह रावत, खजान दास, भरत चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान, बृज भूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, विनोद चमोली, सहदेव सिंह पुंडीर, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बदल रही मसूरी की तस्वीर

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बदल रही मसूरी की तस्वीर पर्यटन विकास मॉडल को मजबूती देगी विश्वस्तरीय रोपवे परियोजना लाइब्रेरी चौक से लाल टिब्बा तक प्रस्तावित स्टेशनों का सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया निरीक्षण, तकनीकी और पर्यावरणीय […]
IMG 20260704 WA0031

यह भी पढ़े