- चकराता विधायक प्रीतम सिंह रहे मुख्य अतिथि
- पूर्व अध्यापकों, सफल विद्यार्थियों और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियों का सम्मान
नीरज उत्तराखंडी/विकासनगर
भीमावाला में सामाजिक संस्था ‘समता’ का 40वां स्थापना दिवस समारोह उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। समारोह में चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर संस्था की चार दशक लंबी सामाजिक एवं शैक्षिक यात्रा को याद करते हुए पूर्व अध्यापकों, सफल विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि विधायक प्रीतम सिंह ने समता की चार दशक लंबी यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा सामाजिक जागरूकता के लिए लंबे समय तक काम करना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सार्थकता इस बात से तय होती है कि उसके प्रयासों का समाज और आने वाली पीढ़ियों पर कितना प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समता से जुड़े पूर्व अध्यापकों, विद्यार्थियों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किए जाने को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।

समारोह में समता में कार्य कर चुके पूर्व अध्यापकों को ‘शिक्षा सारथी सम्मान’, संस्था द्वारा संचालित विद्यालयों में अध्ययन कर विभिन्न सरकारी पदों, संस्थानों एवं अन्य क्षेत्रों में सफलता हासिल करने वाले पूर्व विद्यार्थियों को ‘समता गौरव सम्मान’ तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को ‘समता श्री सम्मान’ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की थीम “बीज से वटवृक्ष तक—अविराम चालीस वर्ष” रही। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1986 में सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुई समता की यात्रा चार दशक पूरे कर चुकी है। संस्था ने चकराता, कालसी और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, साक्षरता, महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, स्वरोजगार, लैंगिक समानता तथा स्थानीय स्वशासन के क्षेत्र में कार्य किया।
समता के निदेशक कुँवर सिंह चौहान ने कहा कि संस्था की शुरुआत इस उद्देश्य के साथ हुई थी कि दूरस्थ पहाड़ी गांवों में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अधिकार और सम्मान पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां और सरकारें बदलती रहीं, लेकिन ग्रामीण समाज के बीच काम करने का समता का संकल्प लगातार जारी रहा।
संस्था के अध्यक्ष अनिल पैन्यूली ने कहा कि सोसाइटी फॉर मोटिवेशनल ट्रेनिंग एंड एक्शन—समता की स्थापना वर्ष 1986 में प्रेरणा, प्रशिक्षण और कर्म के माध्यम से सामाजिक बदलाव के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने संस्था की चार दशक की यात्रा में संस्थापक सदस्यों, कार्यकर्ताओं, अध्यापकों, विद्यार्थियों, सहयोगियों और ग्रामीण समुदायों के योगदान के प्रति आभार जताया।
समारोह में संस्था की यात्रा में योगदान देने वाले दिवंगत सहयोगियों को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि 40 वर्ष पूरे होना समता के लिए विराम नहीं, बल्कि नए संकल्प और नई पीढ़ी की सहभागिता के साथ आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव है।




