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भारत और जापान की साझी संस्कृति बन सकती है विश्व सहयोग का आधार

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भारत और जापान की साझी संस्कृति बन सकती है विश्व सहयोग का आधार

देहरादून /मुख्यधारा

कंसाई जापान-इंडिया कल्चरल सोसाइटी, के उपाध्यक्ष टोमियो इसोगाई ने कहा कि  छात्र-छात्राएं  ‘‘3+1‘‘ सिद्धांतों-अनुशासन, नवाचार, सहयोग और वैश्विक दृष्टिकोण को अपने जीवन का हिस्सा बना लें। इससे वे आने वाले कल के ऐसे आदर्श प्रोफेशनल बन सकते हैं, जो राष्ट्र निर्माण ही नहीं बल्कि विश्व निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

वह ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।टोमियो इसोगाई ने कहा कि भारत और जापान की साझी संस्कृति और आपसी दृष्टिकोण आने वाले समय में विश्व सहयोग का सशक्त आधार बन सकते हैं। उन्होंने  कहा कि आज की अस्थिर, अनिश्चित और जटिल परिस्थितियों वाली  दुनिया में वही सफल होगा, जो अनुकूलनशील सोच अपनाएगा और जिसमें स्पष्ट दृष्टि, गहरी समझ, निडर साहस और बदलते समय के अनुरूप ढलने की क्षमता हो।

इस सत्र का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फैशन डिजाइन ने किया। सत्र के दौरान ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. अमित आर. भट्ट, फैशन डिजाइन डिपार्टमेंट की एचओडी डा. ज्योति छाबड़ा, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एचओडी डा. विशाल सागर के साथ अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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