Image

यमुनोत्री यात्रा से गुलजार हुई घाटी, 40 दिन में पैदल मार्ग पर साढ़े चार करोड़ का कारोबार

Mukhyadhara
20260426429f

यमुनोत्री यात्रा से गुलजार हुई घाटी, 40 दिन में पैदल मार्ग पर साढ़े चार करोड़ का कारोबार

नीरज उत्तराखंडी/उत्तरकाशी

चारधाम यात्रा सीजन इस वर्ष यमुनोत्री घाटी की आर्थिकी के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रहा है। उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने पूरी घाटी की आर्थिक गतिविधियों में नई जान फूंक दी है। होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, पार्किंग, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी, पालकी और स्थानीय दुकानदारों के कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

सबसे अधिक रौनक जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक करीब पांच किलोमीटर लंबे पैदल यात्रा मार्ग पर देखने को मिल रही है, जहां प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है। जिला पंचायत की कुली एजेंसी से जुड़े मजदूरों और सेवा संचालकों ने मात्र 40 दिनों में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का कारोबार कर डाला है। आंकड़ों के अनुसार इस पैदल मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 11 लाख रुपये का लेन-देन हो रहा है।

सात हजार से अधिक मजदूरों को मिला रोजगार

यात्रा मार्ग पर इस समय करीब सात हजार मजदूर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। इनमें घोड़ा-खच्चर संचालक, डंडी-कंडी और पालकी सेवा से जुड़े लोग प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रतिदिन हजारों यात्री इन सेवाओं का उपयोग कर यमुनोत्री धाम पहुंच रहे हैं।

करीब 2500 घोड़े-खच्चर प्रतिदिन यात्रियों को धाम तक पहुंचाने में लगे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और मजदूरों की भागदौड़ लगातार बनी हुई है। इससे जानकीचट्टी, फूलचट्टी, बड़कोट और आसपास के बाजार पूरी तरह गुलजार हो गए हैं।

जिला पंचायत को भी बड़ा राजस्व

यात्रा सीजन से जिला पंचायत की आय में भी बड़ा इजाफा हुआ है। मजदूरों और संचालकों से पंजीकरण एवं विभिन्न शुल्कों के रूप में अब तक करीब सवा दो करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।

बताया जा रहा है कि जिला पंचायत ने इस बार कुली एजेंसी का ठेका छह माह के लिए लगभग पौने तीन करोड़ रुपये में दिया है। यात्रा में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह आंकड़ा आगे और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

सवा चार लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन

यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद से अब तक करीब सवा चार लाख श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सड़क, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधा और यातायात व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाए तो यमुनोत्री घाटी की आर्थिकी को और अधिक मजबूती मिल सकती है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा सहारा

चारधाम यात्रा ने केवल बड़े कारोबारियों को ही नहीं बल्कि छोटे दुकानदारों, चाय-पकौड़ी स्टॉल संचालकों, स्थानीय किसानों और दैनिक मजदूरों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। यात्रा सीजन के चलते घाटी में नकदी का प्रवाह बढ़ा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पद्मभूषण से सम्मानित हुए भगत सिंह कोश्यारी

पद्मभूषण से सम्मानित हुए भगत सिंह कोश्यारी डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला मुख्यमंत्री से राज्यपाल तक शानदार सफर, अब पद्मभूषण से सम्मानित हुए भगत सिंह कोश्यारी शिक्षा से राजनीति तक छोड़ी गहरी छाप उत्तराखंड की राजनीति, शिक्षा और समाज सेवा के […]
IMG 20260527 WA00191

यह भी पढ़े