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भारत दर्शन शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे प्रदेश के 240 छात्र छात्राएं

admin
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  • भारत दर्शन शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे प्रदेश के 240 छात्र छात्राएं
  • मुख्यमंत्री सोमवार को शिक्षा निदेशालय से छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
  • शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत बोले, छात्रों के लिए जरूरी है शैक्षिक भ्रमण
  • प्रत्येक विकासखण्ड से दो-दो प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का किया गया है चयन

देहरादून/मुख्यधारा

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के लिये प्रत्येक विकासखण्ड से दो-दो प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इसके लिये राज्य सरकार ने 50 लाख की धनराशि अवमुक्त करने की मंजूरी दी है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं देशभर के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण करेंगे। डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिनांक 8 दिसंबर 2025, सोमवार को शिक्षा निदेशालय से छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि भारत दर्शन शैक्षणिक भ्रमण –2025, कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के 240 टॉपर छात्र/ छात्राएं केरल, तमिलनाडु, कर्नाटका, तेलंगाना, गुजरात एवं मध्य प्रदेश राज्यों के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण करेंगे।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिये राज्य सरकार ने कई कदम उठाये हैं। जिसमें भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम भी शामिल है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मकसद छात्र-छात्राओं को देश की विविधता, इतिहास, आधुनिक शिक्षा प्रणाली, व्यावहारिक शिक्षण का अनुभव और शिक्षा के प्रति समग्र दृष्टिकोण विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुल 240 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को देश के विभिन्न राज्यों में शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जायेगा। जिसके लिये विकासखण्डवार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के टॉपर 2-2 छात्र-छात्राओं का चयन किया जायेगा। शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु राज्य सरकार ने 50 लाख की धनराशि अवमुक्त कर दी है।

डॉ. रावत ने बताया कि पांच दिवसीय भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को देशभर के विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराया जायेगा। जिससे वह वहां के लोक जीवन, संस्कृति, भाषा, रहन-सहन इत्यादि से परिचित होंगे।

इसके अलावा छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण कराया जायेगा। इस कार्यक्रम से जहां छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा वहीं प्रदेश की शिक्षा और योग्यता के स्तर में भी सुधार होगा।

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