बिना गैस व इंडक्शन के भी ‘पेलेट स्टोव’ में आसानी से बन सकेगा भोजन, सस्ता, साफ और पर्यावरण का है दोस्त, यहां करें ऑर्डर

Mukhyadhara
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  • बिना गैस व इंडक्शन के भी पेलेट स्टोव में आसानी से बन सकेगा भोजन
  • पेलेट स्टोव : गैस-बिजली के बिना भी चलेगा चूल्हा!
  • सस्ता, साफ और पर्यावरण का दोस्त

हल्द्वानी/मुख्यधारा

महंगी गैस सिलेंडर, बार-बार रिफिल की टेंशन और बिजली कटौती से तंग आ चुके परिवारों के लिए अब एक क्रांतिकारी विकल्प के रूप में आपके लिए ‘पेलेट स्टोव’ तैयार है।

लकड़ी के बुरादे से बने छोटे-छोटे पेलेट्स पर चलने वाला यह आधुनिक चूल्हा न सिर्फ 50% तक ईंधन खर्च बचाता है, बल्कि रसोई को धुएँ से लगभग मुक्त रखता है। पहाड़ी इलाकों से लेकर शहरों तक, घरेलू रसोई से लेकर ढाबे-होटल तक यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

पारंपरिक चूल्हे की मुसीबतें, पेलेट स्टोव का कमाल

कल्पना कीजिए- सुबह की चाय बनाते वक्त धुआँ आँखों में नहीं चुभेगा, खाना पकाते समय महिलाओं को सांस की तकलीफ नहीं होगी और महीने के अंत में गैस बिल देखकर दिल नहीं बैठेगा।
पेलेट स्टोव ठीक यही सपना हकीकत में बदल रहा है।

पेलेट स्टोव क्यों बन रहा है गेम-चेंजर?

पैसे की बचत: LPG की तुलना में पेलेट्स 30-50% तक सस्ते पड़ते हैं। एक बार हॉपर भरने पर कई घंटे तक लगातार आंच मिलती है।
धुआँ मुक्त रसोई: पारंपरिक लकड़ी या कोयले के चूल्हे की तरह काला धुआँ नहीं। स्वास्थ्य विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए वरदान।
तेज और एक समान पकाई: आग को बिल्कुल कंट्रोल में रखा जा सकता है, इसलिए दाल-चावल से लेकर रोटी-सब्जी तक सब कुछ बराबर और जल्दी पकता है।
पर्यावरण हितैषी: कम प्रदूषण, कम कार्बन उत्सर्जन और लकड़ी की कटाई में भी कमी। पेलेट्स कृषि अवशेष और लकड़ी के बुरादे से बनते हैं- यानी कचरे से ऊर्जा।
आसान और सुरक्षित: जलाना, बंद करना या आंच बढ़ाना-घटाना इतना आसान कि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस्तेमाल कर सकते हैं।

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  • यह चूल्हा कैसे काम करता है?
  • बहुत ही सरल और स्मार्ट तरीके से
  • हॉपर (टैंक) में पेलेट्स डालें
  • ऑगर स्क्रू सिस्टम खुद-ब-खुद पेलेट्स को बर्निंग पॉट में ले जाता है
  • पेलेट्स जलते हैं और फैन गर्म हवा को चारों तरफ फैलाता है
  • नतीजा- तेज, साफ और नियंत्रित आंच

गांव हो या शहर, हर जगह उपयोगी

उत्तराखंड के दूरदराज के गांवों में जहां गैस पहुंचना मुश्किल है या बिजली कटौती आम बात है, वहां पेलेट स्टोव वरदान साबित हो रहा है। शहर में भी महंगे सिलेंडर से राहत चाहने वाले परिवार और कमर्शियल किचन इसे अपना रहे हैं।

हल्द्वानी वासियों के लिए खास जानकारी

अगर आप भी अपनी रसोई को सस्ता, साफ और आधुनिक बनाना चाहते हैं तो ‘पेलेट स्टोव’ अभी आजमाएं।
कहां मिलेगा : धार बिठौरिया, ऊंचा पुल रोड, हल्द्वानी

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एक छोटा सा बदलाव, बड़ा फर्क

पेलेट स्टोव न सिर्फ आपकी जेब बचाएगा, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा और पर्यावरण को भी साफ रखने में मदद करेगा। जो लोग अभी भी महंगे गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं, उनके लिए यह सही समय है स्विच करने का।

संपर्क करें:
कृष्णा बिष्ट, हल्द्वानी
मोबाइल: 9719055582

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