आपदा का कहर : उत्तराखंड में तीन जगह फटा बादल, भारी नुकसान, दो लोग लापता, राजमार्ग पर आवाजाही बाधित
देहरादून/मुख्यधारा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार रात बादल फटा। चमोली में दो लोग लापता हैं। कई परिवार मलबे के कारण अपने घरों में फंस गए हैं। टिहरी गढ़वाल में जानहानि नहीं हुई हैं, लेकिन घरों को नुकसान पहुंचा है।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। रुद्रप्रयाग में हनुमान मंदिर जलमग्न हो गया है। केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर मार्ग पर बना एक पुल तेज बहाव में बह गया।
बीती रात हुई बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र और चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की खबर सामने आई है। बादल फटने के कारण मलबे में कुछ परिवारों के फंसे होने की सूचना मिली है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत-बचाव कार्य जारी है। भारी बारिश और बादल फटने की घटना के बाद से रुद्रप्रयाग जिले के मार्ग और राजमार्ग बाधित हो गए हैं।

वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। यहां नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।
चमोली के देवाल क्षेत्र में कालेश्वर में ऊपर पहाड़ से मलबा आया जो लोगों के घरों में घुस गया, जेसीबी मशीन के द्वारा मलवा हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
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चमोली जिले के ज्योर्तिमठ ,देवाल, नारायण बगड, थराली,नन्दा नगर कर्ण प्रयाग, गैरसैंण ,दशोली मै तेज बारिश नदी नाले उफान पर हैं। देर रात तहसील देवाल के मोपाटा में बादल फटने से 2 व्यक्ति तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे है। विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल की सूचना मिली है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में बादल फटने की सूचना एक्स पर पोस्ट कर साझा की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है। इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेजी से कर रहा है। मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और आपदा सचिव व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य सही तरीके से और तेजी से किए जाएं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “चमोली के देवाल और रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आने की वजह से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुखद समाचार मिला है। मैं अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।” सीएम ने बाबा केदार से सभी के सुरक्षित होने की प्रार्थना भी की।
गोवा बीच में अलकनंदा नदी का जल स्तर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तक आ पहुंचा
वहीं जनपद पौड़ी के श्रीनगर स्थित बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ में दो जगह यातायात अवरुद्ध है। जो भी वाहन श्रीनगर से रुद्रप्रयाग जा रहे हैं उनको फरासू के निकट सुरक्षित जगह पर रोका जा रहा है। कुछ वाहनों को कालियासौड़ पुलिस चौकी पर भी रोका गया है।

इसके अलावा हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गोवा बीच में अलकनंदा नदी का जल स्तर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तक आ गया है। जिससे सड़क जलमग्न हो गयी है।
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इसके अतिरिक्त धारी देवी के मंदिर क्षेत्र में भी अलकनंदा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। सुरक्षा के दृष्टिगत मंदिर को बंद करवा दिया गया है। मंदिर के अगल-बगल जो प्रसाद की दुकानें थी, उनमें पानी भर गया है और उन्हें भी बंद करवा करवा दिया गया है। जल पुलिस तथा स्थानीय पुलिस भक्तों व आसपास मौजूद अन्य लोगों को सतर्क रहने हेतु लगातार अनाउंसमेंट कर रही है।


