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नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की बन सकती हैं नई पीएम, आंदोलनकारी युवाओं ने जताया भरोसा

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मुख्यधारा डेस्क 

नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच एक नया समीकरण तेजी से बनता दिखाई दे रहा है। भ्रष्टाचार और शासन व्यवस्था से नाराज होकर सड़कों पर उतरी नई पीढ़ी ने अब देश के नेतृत्व के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम आगे बढ़ा दिया है।

मंगलवार रात हुई एक राष्ट्रव्यापी वर्चुअल बैठक में 5,000 से ज्यादा युवाओं ने कार्की को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना समर्थन दिया। ऑनलाइन चर्चा शीर्ष पद के संभावित उम्मीदवारों पर केंद्रित थी। हालाँकि शुरुआत में काठमांडू के मेयर बालेन शाह को पसंदीदा उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन प्रतिभागियों ने बताया कि उनसे संपर्क करने की बार-बार की गई कोशिशों के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं और अपनी ईमानदार छवि व सख्त फैसलों के लिए जानी जाती हैं। यही कारण है कि आंदोलन कर रहे युवाओं को उनमें एक भरोसेमंद नेतृत्व नजर आ रहा है।

युवाओं का मानना है कि वर्तमान राजनीतिक दल देश को भ्रष्टाचार और अराजकता से नहीं निकाल पाए हैं, ऐसे में किसी ऐसी शख्सियत की जरूरत है जो राजनीति से ऊपर उठकर जनता की बात करे। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर युवाओं का दबाव बढ़ता रहा तो मौजूदा दलों को भी सुशीला कार्की के नाम पर गंभीरता से विचार करना पड़ सकता है। यह कदम नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि अब तक प्रधानमंत्री पद की दौड़ हमेशा परंपरागत दलों के नेताओं तक ही सीमित रही है। युवाओं का यह फैसला संकेत देता है कि नेपाल की नई पीढ़ी अब पारंपरिक राजनीति से अलग हटकर साफ-सुथरे नेतृत्व की तलाश में है।

आंदोलनकारी समूहों ने साफ कहा है कि यदि राजनीतिक दल उनकी मांग नहीं मानते, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। वहीं यूट्यूबर रैंडम नेपाली को भी काफी समर्थन मिला। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे तभी आगे आएंगे जब कोई और व्यक्ति इस पद को स्वीकार न करे। अगर सुशीला कार्की इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती हैं, तो नेपाल के विशेषज्ञों का कहना है कि वह पहले सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल से मिलेंगी, उसके बाद राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल से मंजूरी लेंगी।

वहीं दूसरी ओर नेपाल पुलिस का कहना है कि देश भर की जेलों से 11000 से ज्यादा कैदी भाग गए हैं। पश्चिमी नेपाल की एक जेल में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में पुलिस की गोलीबारी से पांच नाबालिग कैदियों की मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हैं।

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