- पौड़ी गढ़वाल में गुलदार का आतंक, आज एक और व्यक्ति की ले ली जान, वन विभाग ने जारी किए गुलदार को मारने के आदेश
- डीएम स्वाति एस भदौरिया ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, ग्रामीणों के आक्रोश का करना पड़ा सामना
पौड़ी गढ़वाल/मुख्यधारा
पिछले काफी दिनों से गढ़वाल मंडल के पौड़ी गढ़वाल के कई क्षेत्रों में वन्य खूंखार जीवों गुलदार व भालू के आतंक से ग्रामीण खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। आज एक व्यक्ति को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया, जिससे वन विभाग द्वारा ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अंतिम विकल्प के रूप में उक्त गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्यखाल क्षेत्र के गजल्ट गांव में आज प्रातः करीब साढे सात बजे एक 42 वर्षीय राजेद्र पर गुलदार ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह दूध देने जा रहा था कि इसी बीच रास्ते में उसके साथ हादसा हो गया। इस घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया।
इससे पूर्व गत दिवस भी देवार गांव में आंगनबाड़ी केंद्र से लौटते वक्त एक बालक पर हमला कर उस पर पंजा मार दिया था। हालांकि उसकी जान बच गई। इससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और उनके द्वारा गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने का आदेश जारी करने की मांग की गई थी।
इससे पहले भी 20 नवंबर को कोटी गांव में गुलदार ने एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था। यही नहीं इसके अगले दिन ही ढांढरी गांव में भी एक अन्य बुजुर्ग महिला को भी गुलदार ने हमला कर जख्मी कर दिया था। इन तमाम घटनाओं को देखते हुए क्षेत्रवासी सहमे हुए हैं। उन्हें अपनी मवेशियों के लिए जंगल से चारा-पत्ती लाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं स्कूल व आंगनबाड़ी जाने वाले बच्चों के लिए भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यही कारण है कि क्षेत्रवासी वन विभाग की कार्यशैली पर खासे आक्रोशित हैं।
ग्रामीणों की मांग के क्रम में वन विभाग द्वारा उक्त खूंखार गुलदार को पकड़ने या नष्ट करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
आज घटनास्थल का निरीक्षण करने जब डीएम स्वाति भदौरिया मौके पर पहुंची तो उन्हें भी ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। डीएम ने कहा कि उसे शूट आउट करने के आदेश जारी हो गए हैं तो इस पर ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी एक अन्य महिला को गुलदार द्वारा मारा गया था तो तब भी विभाग द्वारा ऐसा ही आदेश जारी किया गया था। आज 15 दिन उस आदेश के बीत गए हैं, लेकिन क्षेत्र में गुलदार मारने के लिए शूटर नहीं पहुंच पाए। ग्रामीणों ने डीएम से सवाल पूछा कि आप ही बताइए कि वे शूटर कहां हैं ! इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि किसी तरह मामले को सुलटा दिया
प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) /मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखण्ड रंजन कुमार मिश्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त, पौडी के पत्रांक- 1246/6-1, दिनांक 04 दिसम्बर 2025 से एवं प्रभागीय वनाधिकारी, गढवाल वन प्रभाग, पौडी के पत्रांक-2284/6-28, दिनांक 4 दिसम्बर 2025 से अवगत कराया गया है कि वन प्रभाग की पौडी रेंज के अन्तर्गत दिनांक 04 दिसम्बर 2025 को प्रातः 8:30 बजे श्री राजेन्द्र, उम्र 42 वर्ष ग्राम चवथ पट्टी इडवालस्यूं-03, पौडी गढवाल को गुलदार द्वारा हमला कर मार दिया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि उक्त घटना के उपरांत वन कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे वन कर्मियों द्वारा क्षेत्र में गश्त की जा रही है। गुलदार की गतिविधियों की निगरानी हेतु क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाये गये हैं। उक्त क्षेत्र में कोट ब्लॉक के अन्तर्गत लगभग 13 स्कूल है, जिसमें मुख्यतः स्कूल वन क्षेत्र से सटे हैं। गुलदार द्वारा की गयी उपरोक्त घटना से ग्राम वासियों में भय का माहौल हैं तथा वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भयभीत हो रहें है। प्रभागीय वनाधिकारी के अनुसार गुलदार द्वारा क्षेत्र में अन्य घटना किये जाने की प्रबल संभावना है। उपरोक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा स्थानीय लोगों एवं स्कूली बच्चो की सुरक्षा के दृष्टिगत पौडी रेंज के क्षेत्रान्तर्गत प्रश्नगत क्षेत्र में गुलदार को पिंजडा लगाकर पकड़ने तथा आवश्यकता होने पर ट्रैकुलाइज कर पकड़ने तथा अंतिम विकल्प के रुप में गुलदार को नष्ट करने की अनुमति चाही गयी है।
वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त एवं प्रभागीय वनाधिकारी के उल्लिखित पत्रों के कम में वन्यजीव
संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 की धारा 11 (1) क से प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए
स्थानीय लोगों एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षा के निहितार्थ प्रभागीय वनाधिकारी, गढवाल वन प्रभाग को पौडी
रेंज के क्षेत्रान्तर्गत प्रश्नगत क्षेत्र में गुलदार को पिंजरा लगाकर पकड़ने एवं आवश्यकता होने पर
ट्रैक्यलाईज कर पकडने की अनुमति प्रदान की जाती है।
गुलदार को पकडने के सम्पूर्ण प्रयासों के उपरान्त भी पकडे न जाने की दशा मे प्रभागीय वनाधिकारी, गढवाल वन प्रभाग को केवल अपरिहार्य परिस्थितियो मे अंतिम विकल्प के रुप में गुलदार को नष्ट करने की अनुमति भी प्रदान की जाती है। उक्त अनुमति के दौरान निम्न प्रतिबन्धों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेः-
1. इस कार्यालय के पत्रांक 179/6-28 दिनांक 25 जुलाई 2022 एवं 203/6-28, दिनांक 27 जुलाई 2022 द्वारा दिये गये निर्देशों एवं मा० उच्च न्यायालय द्वारा WP (PIL) No. 218 of 2023 में दिये गये निर्णय के अनुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करेगें।
2. क्षेत्र में कैमरा ट्रैप तथा पी०आई०पी० के माध्यम से गुलदार की निगरानी की जाये। यथासंभव ड्रोन द्वारा भी क्षेत्र में निगरानी रखी जाये।
3. सर्वप्रथम मानव क्षति के लिये उत्तरदायी गुलदार की पहचान सुनिश्चित की जायें।
4. यह अनुमति पत्र जारी होने के दिनांक से 15 दिनों तक वैध रहेगी और इस अवधि के उपरान्त स्वतः समाप्त हो जायेगी।
5. उक्त आदेश पर कृत कार्यवाही की सूचना तत्काल इस कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय एवं यदि उक्त 15 दिनों की समयावधि के भीतर कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है तो उसकी सूचना अवधि समाप्त होने की तिथि के अगले कार्यालय दिवस में आवश्यक रूप से इस कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
6. अपरिहार्य परिस्थितियों में यदि गुलदार को नष्ट करने की कार्यवाही की जाती है तो यह कार्यवाही विभागीय कार्मिकों द्वारा ही की जायेगी। जिसका अनुमोदन सम्बन्धित वन संरक्षक द्वारा किया जायेगा।
7. गुलदार को पकड़ने के उपरान्त तत्काल इस कार्यालय को सूचित किया जाय ताकि प्रकरण में अग्रेत्तर निर्देश निर्गत किये जा सकें।



