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अनदेखीः द्वारीखाल ब्लॉक के मैठाणा गांव में उत्तराखंड बनने के 25 साल बाद भी नहीं पहुंची सड़क, पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह का वीडियो वायरल 

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अनदेखीः द्वारीखाल ब्लॉक के मैठाणा गांव में उत्तराखंड बनने के 25 साल बाद भी नहीं पहुंची सड़क, पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह का वीडियो वायरल 
द्वारीखाल/मुख्यधारा
हाल ही में उत्तराखंड निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर राज्य में रजतोत्सव के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया गया, लेकिन राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में आज भी कई गांव सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। ऐसा ही एक गांव पौड़ी जनपद के द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत मैठाणा गांव हैं। जहां के लोग आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए करीब तीन किमी. की पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं।
किनसुर के पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह का सड़क की मांग को लेकर आज एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने इस ज्वलंत समस्या को उजागर कर सरकार व शासन-प्रशासन को इस समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया है।

द्वारीखाल ब्लॉक के किनसुर ग्रामसभा के अंतर्गत पोगठा-मैठाणा गांव स्थित है। पोगठा गांव करीब पांच साल पूर्व सड़क से जुड़ गया, लेकिन बगल में मैठाणा गांव के साथ ही उमन व डल-ग्वाड़ी के लोग आज भी सड़क का इंतजार कर रहे हैं। इन लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यही नहीं जंगली जानवरों के खतरों के बावजूद स्कूली बच्चों को आवाजाही करनी पड़ती है।
इस विकट समस्या को महसूस करते हुए पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह ने पोगठा से घर जाते वक्त आज एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वे एक हाथ में वीडियो बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं तो दूसरे कंधे पर राशन का थैला दिखाई दे रहा है। उनके साथ उनकी पत्नी एवं किनसुर की प्रधान मालती शाह भी मौजूद हैं। जिसमें वे अपने बच्चे को टीका लगाकर घर वापस जा रहे हैं।
पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह ने अपने वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, डीएम पौड़ी स्वाति भदौरिया एवं मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत से अनुरोध करते हुए कहा है कि मैठाणा गांव के लोग आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए तीन-चार किमी. की पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं। जंगली जानवरों का खतरा बढ़ता जा रहा है। सामान सहित बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
वे यह भी कहते हैं कि जब उनकी पत्नी किनसुर की प्रधान मालती शाह की गर्भावस्था के दौरान अगस्त में तबियत बिगड़ गई तो वे 6 बजे शाम के समय पैदल ही सड़क तक पहुंचने के लिए रवाना हुए। उस दौरान बरसात का विकट समय था। यही नहीं उनके जैसे अन्य ग्रामीणों को भी इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। परिणामस्वरुप धीरे-धीरे गांव से पलायन हो रहा है और गांव खाली होता जा रहा है। यह बहुत ही चिंतनीय विषय है।
दीपचन्द शाह यह भी कहते हैं कि उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में पोगठा-मैठाणा की ओर से सड़क निर्माण के लिए संबंधित विभाग को एनओसी भी दे दी थी, लेकिन फिर भी मामला लटका हुआ है। उन्होंने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी कंप्लेंट की थी।
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उन्होंने सरकार, शासन-प्रशासन व जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल इस समस्या का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है, ताकि मैठाणा, उमन, डल-ग्वाड़ी के क्षेत्रवासी भी सड़क संपर्क मार्ग से जुड़ सकें।
बहरहाल, पूर्व प्रधान दीपचन्द शाह का ये वीडियो जबर्दस्त वायरल हो रहा है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जिम्मेदार लोग इस मामले का कितनी जल्द संज्ञान लेकर ग्रामीणों की पहाड़ जैसी बड़ी समस्या का समाधान कर पाते हैं!
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