पुराने स्टॉक पर भी दुकानदारों को जीएसटी कटौती का ग्राहकों को देना होगा लाभ, इन नंबरों पर कर सकते हैं अपनी शिकायत

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पुराने स्टॉक पर भी दुकानदारों को जीएसटी कटौती का ग्राहकों को देना होगा लाभ, इन नंबरों पर कर सकते हैं अपनी शिकायत

मुख्यधारा डेस्क

जीएसटी सुधारों से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है। इससे कई जरूरी और गैर-जरूरी उत्पादों के दाम कम हो गए हैं। इसमें फूड, ऑटोमोबाइल्स, हेल्थकेयर, पर्सनल केयर और अन्य घरेलू उत्पाद शामिल हैं। साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू, हेयर ऑयल, टूथ पाउडर जैसी हर घर की रोजमर्रा की जरूरतों पर अब 18 प्रतिशत की बजाय 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जिससे मध्यम वर्गीय परिवार के लिए चीजें सस्ती हो जाएंगी। इससे 5,000 रुपए के किराना बिल पर 500 रुपए की बचत हो सकती है।

सरकार ने निर्देश दिया है कि दुकानदारों को पुराने स्टॉक पर भी घटी हुई दर का लाभ ग्राहकों को देना होगा। यदि कोई दुकानदार ऐसा नहीं करता है तो क्‍या कर सकते हैं?

पुराने स्‍टॉक वाला सामान खरीदने पर भी सभी ग्राहकों को जीएसटी कटौती का पूरा लाभ मिलेगा।

सरकार का निर्देश है कि 22 सितंबर से जो सामान जीएसटी दर घटने से सस्‍ते हुए हैं, दुकानदारों को उन सामानों को सस्ते दाम पर ही बेचना होगा। यानी कि दुकान में स्टॉक नया हो या फिर पुराना ग्राहक को कटौती का लाभ मिलेगा। पुराने समान को जीएसटी कटौती दर पर सस्ते में बेचने पर दुकानदार को बिल्कुल भी घाटा नहीं होगा।

सरकार के मुताबिक, दुकानदार जीएसटी रिटर्न फाइल करते समय इसे एडजस्ट करेंगे। दुकानदार पक्का बिल बनाता है तो बिल में स्पष्ट नजर आएगा कि जीएसटी नई दरों के तहत लगाया है या नहीं। जिन सामानों पर जीएसटी दर घटी है, उनकी सूची से भी मिला सकते हैं। इसके अलावा, आप दुकानदार से सीधे-सीधे पूछ भी सकते हैं। यानी कि बिल में साफ-साफ दिखेगा कि दुकानदार ने पूरा लाभ दिया है या नहीं।

खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी घटकर 5 प्रतिशत या शून्य हो जाने से किराने के सामान और खाद्य वस्तुओं पर प्रति माह लगभग 8,000-10,000 रुपए खर्च करने वाला एक मध्यम वर्गीय परिवार प्रति माह लगभग 800-1,000 रुपए की बचत करेगा, जो कि सालाना आधार पर 10,000 रुपए से अधिक है। पनीर, रोटी, पैक्ड पराठे और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर अब जीएसटी शून्य हो गई है, जबकि मक्खन, घी, पनीर, चॉकलेट, बिस्कुट और अचार को 18 या 12 प्रतिशत के स्लैब से हटाकर 5 प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है। सरकार की ओर से कई शैक्षणिक उत्पादों पर टैक्स को घटाकर शून्य कर दिया गया है।

इससे शिक्षा से जुड़े उत्पाद पहले के मुकाबले अधिक किफायती हो जाएंगे। नई जीएसटी दरों से 1,000 रुपए की लागत वाली स्कूल किट (नोटबुक, पेंसिल, क्रेयॉन) अब 850 रुपए की हो गई है।

इसके अतिरिक्त, दुर्लभ बीमारियों की दवाओं, डायग्नोस्टिक किट, प्रयोगशाला उपकरणों और चिकित्सा आपूर्ति पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। कैंसर की दवाओं को अब जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि 10,000 रुपए प्रति माह की लागत वाली दवा 500-1,200 रुपए सस्ती हो जाएगी। एक टीवी, जिसकी कीमत पहले 40,000 रुपए थी, अब 4,000 रुपए सस्ती हो जाएगी। इसी प्रकार, 60,000 रुपए प्रति यूनिट की लागत वाले सोलर हीटर 7,000 रुपए सस्ते हो जाएंगे और 35,000 रुपए का एयर कंडीशनर 3,500 रुपए सस्ता हो जाएगा।

जीएसटी युक्तिकरण से कृषि उपकरणों पर कर कम होने से किसानों को भी राहत मिलेगी। कारीगरों और उद्यमियों को भी लाभ होगा। अगर दुकानदार पुराने एमआरपी पर ही सामान दे तो टोल फ्री नंबर 1800114000 या 1915 पर कॉल कर शिकायत करें। मोबाइल नंबर 8800001915 पर एसएमएस या व्हाट्सएप पर मैसेज करके भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। NACH एप पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसकी ट्रेकिंग भी हो सकती है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की साइट https://consumerhelpline.gov.in पर रजिस्टर्ड कराकर शिकायत कर सकते हैं।

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