चुनावी जमीन खिसकने से बौखलाई कांग्रेस SIR के बहाने फैला रही भ्रम: सुरेश जोशी

Mukhyadhara
Screenshot 20260930 185156 Chrome
  • चुनावी जमीन खिसकने से बौखलाई कांग्रेस SIR के बहाने फैला रही भ्रम: सुरेश जोशी
  • मतदाता सूची की शुचिता पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पहले दे गड़बड़ी के सबूत: सुरेश जोशी
  • संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर अविश्वास फैलाना कांग्रेस का पुराना मॉडल
  • भ्रम की राजनीति छोड़ तथ्य और प्रमाण लेकर सामने आए हताश कांग्रेस: सुरेश जोशी
  • योग्य वोट सुरक्षित रहे और अपात्र हटे, कांग्रेस बताए इसमें आपत्ति क्यों: सुरेश जोशीदेहरादून/मुख्यधारा

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के बयानों पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को मतदाता सूची की शुचिता और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की चिंता नहीं है, बल्कि वह चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद सवाल उठाकर अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने में जुटी है। संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताने वाले नकारात्मक नैरेटिव को उत्तराखंड में आगे बढ़ाना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।

सुरेश जोशी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग की एक अत्यंत पारदर्शी और संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल इतना है कि हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित रहे और अपात्र या दोहरे नामों को सूची से हटाया जाए। कांग्रेस बताए कि उसे अपात्र और फर्जी नामों को हटाने की इस निष्पक्ष प्रक्रिया से क्या आपत्ति है? कांग्रेस का पुराना ढर्रा रहा है कि पहले संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करो, फिर बिना किसी ठोस साक्ष्य के अनर्गल आरोप लगाओ और जनता के बीच भ्रम व डर का माहौल बनाओ।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य माँगों का नाटक करने के बजाय यह बताएं कि उनके पास मतदाता सूची में गड़बड़ी का कौन-सा ठोस प्रमाण है। यदि कांग्रेस के पास कोई वास्तविक विसंगति के प्रमाण हैं, तो वे बयानबाजी करने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत क्यों नहीं करते? लोकतंत्र में सवाल उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए स्वतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की साख पर हमला करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है।

जोशी ने स्पष्ट किया कि जब भी चुनाव परिणाम कांग्रेस के अनुकूल नहीं आते, वह अपनी नाकामियों का ठीकरा चुनाव आयोग, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर फोड़ने लगती है।

भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मानना है कि आम मतदाता ही लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली है और धामी सरकार तथा निर्वाचन आयोग हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उत्तराखंड की जागरूक जनता कांग्रेस की इस भ्रम फैलाने वाली राजनीति को भली-भांति समझती है और समय आने पर अपने विवेक व मताधिकार से इसका करारा जवाब देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़े