चांदपुर जिला पंचायत सीट से पूर्व फौजी वीरेंद्र सिंह रावत ने ठोकी ताल
द्वारीखाल/मुख्यधारा
द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत जिला पंचायत चांदपुर सीट से सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह रावत चुनाव मैदान में उतर गए हैं। वह क्षेत्र में ग्राउंड जीरो पर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह रावत बताते हैं कि पहले उन्होंने देश सेवा की है और रिटायरमेंट के बाद वे अपने क्षेत्र में कई वर्षों से जनसेवा के कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे अपने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क उनके प्राथमिकताओं में है। जिसके लिए वे अपने सेवानिवृत्ति के बाद से ही जुटे हुए हैं।

वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2019 में हुए पंचायत चुनाव में भी वे किनसुर क्षेत्र पंचायत की सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि वे मामूली अंतर से तब चुनाव हार गए थे। उन्होंने बताया कि इस बार चांदपुर जिला पंचायत क्षेत्र से उन्हें जनता का बढिया समर्थन मिल रहा है। चूंकि वे फौज से रिटायरमेंट हैं तो उनका पूरा समय अपने क्षेत्रवासियों के बीच ही बीतता है।
उनका कहना है कि कुछ लोग क्षेत्र में केवल चुनावी समय में ही ईद के चांद के समान दिखाई देते हैं, लेकिन हकीकत में ऐसे लोगों का जनसमस्याओं को लेकर कोई सरोकार नहीं हैं।
वीरेंद्र सिंह रावत किनसुर ग्रामसभा के अंतर्गत ग्राम पोगठा, मैठाणा के निवासी हैं। फौज से रिटायर होने के बाद उन्होंने समाज सेवा का रास्ता चुना। वीरेंद्र रावत का कहना है कि उनका राजनीति में आने का मकसद यह है कि वे उचित मंच व सरकार तक अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रबल पैरवी कर सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस बार उन्हें जनता का आशीर्वाद अवश्य मिलने जा रहा है।


